'साहब, मैं जिंदा हूं', सिस्‍टम ने बुजुर्ग किसान को कागजों में मारा, 2 साल से PM Kisan सहित योजनाओं का लाभ बंद

'साहब, मैं जिंदा हूं', सिस्‍टम ने बुजुर्ग किसान को कागजों में मारा, 2 साल से PM Kisan सहित योजनाओं का लाभ बंद

बांदा में 86 वर्षीय किसान गजराज को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के कारण पिछले दो साल से वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है. किसान ने अब कलेक्‍ट्रेट में मदद की गुहार लगाई है.

Advertisement
'साहब, मैं जिंदा हूं', सिस्‍टम ने बुजुर्ग किसान को कागजों में मारा, 2 साल से PM Kisan सहित योजनाओं का लाभ बंदबुजुर्ग किसान ने लगाई मदद की गुहार

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के कारण एक 86 वर्षीय किसान को पिछले दो साल से वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है. अतर्रा तहसील क्षेत्र के तुर्रा कुम्हारन पुरवा निवासी किसान गजराज अब खुद को कागजों में जिंदा साबित कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर सोमवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है.

दो साल से सरकारी योजनाओं का लाभ बंद

किसान गजराज ने दावा किया कि पिछले दो साल से उनकी वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड और किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना बंद है. जब उन्होंने इसकी वजह जानने की कोशिश की तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है. गजराज का कहना है कि वह जीवित हैं, लेकिन कागजों में मृत दर्ज होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

योजनाओं के पैसों से चलता था जीवन

86 वर्षीय किसान गजराज ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह बिना डंडे के ठीक से चल भी नहीं पाते हैं. सरकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक मदद और राशन उनके जीवन का सहारा थे. इनका लाभ बंद होने से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनका आरोप है कि उन्होंने ग्राम प्रधान और सचिव से कई बार अपनी समस्या बताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

दफ्तरों के चक्‍कर काटने पर भी नहीं सुधरा रिकॉर्ड

पीड़‍ित किसान ने कहा कि वह अपनी समस्या लेकर ब्लॉक, तहसील और विकास भवन सहित कई सरकारी कार्यालयों में शिकायत कर चुके हैं. इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु संबंधी एंट्री नहीं सुधारी गई. आखिरकार, वह एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से उन्हें सरकारी कागजों में जीवित दर्ज कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

जांच के आदेश, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

कलेक्ट्रेट में मौजूद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने, जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी और गलती करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. साथ ही, किसान गजराज की मदद करने और उन्हें जल्द से जल्द सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.

POST A COMMENT