यूपी में भारी बारिश से गंगा, यमुना, सरयू और राप्ती जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और इनके आसपास के कई गांव-मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं. (Photo: ITG)उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जिलों में जलभराव, बाढ़ जैसे हालात और नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है. प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और कौशांबी समेत कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. वहीं गंगा, यमुना, सरयू और राप्ती नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण सड़कों, अंडरपास, पुलिस थानों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. शहर के कई मोहल्लों में जलभराव से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है. गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से दारागंज के निचले इलाकों में बनी झोपड़ियां पानी में डूब गई हैं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए हैं.
उन्नाव में गंगा का पानी कई मोहल्लों तक पहुंच गया है. करीब 200 से अधिक घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं. प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने 15 नावों की व्यवस्था की है. बाढ़ग्रस्त इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
फर्रुखाबाद में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट गहरा गया है. जिले के पांच दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और करीब 40 हजार लोगों का जनजीवन प्रभावित बताया जा रहा है. सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि कई संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है.
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसके चलते कई घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है. दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को सुरक्षा कारणों से गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर शिफ्ट कर दिया गया है.
बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के कारण दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं. कई मार्ग जलमग्न हो गए हैं और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं.
श्रावस्ती में राप्ती नदी खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों और कंट्रोल रूम को अलर्ट पर रखा है।
मिर्जापुर में लगातार बारिश के चलते अदवा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद अदवा नदी उफान पर आ गई. कई गांवों में पानी घुस गया और कुछ समय के लिए प्रमुख मार्गों पर आवागमन भी बाधित रहा. जिले में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं.
कौशांबी में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है. जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है.
वहीं भदोही में भी लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं.
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