तरक्की का नया मंत्र, इनकम बढ़ाने के ल‍िए एक साथ म‍िलकर काम करें किसान, सरकार और उद्योगपति

तरक्की का नया मंत्र, इनकम बढ़ाने के ल‍िए एक साथ म‍िलकर काम करें किसान, सरकार और उद्योगपति

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री द्वारा आयोज‍ित कार्यक्रम में हर‍ियाणा के कृष‍ि मंत्री जेपी दलाल ने खेती से जुड़े सभी पक्षों को एक मंच पर आने की वकालत की. उन्होंने कहा क‍ि फूड प्रोसेस‍िंग इंडस्ट्री स्थापित होने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी. बागवानी फसलों और झींगा पालन पर भी करना होगा फोकस.

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तरक्की का नया मंत्र, इनकम बढ़ाने के ल‍िए एक साथ म‍िलकर काम करें किसान, सरकार और उद्योगपति कृष‍ि मंत्री जेपी दलाल ने द‍िया तरक्की का नया मंत्र (Photo-Kisan Tak),

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सरकार, उद्योगपतियों और किसानों को एक साथ म‍िलकर काम करने की वकालत की है. उन्होंने कहा क‍ि कृष‍ि क्षेत्र और किसानों की तरक्की के ल‍िए सभी को म‍िलकर काम करना होगा. किसानों को परंपरागत खेती के अलावा आज बागवानी और दूसरे क्षेत्रों में भी काम करने की जरूरत है. जिससे उनकी लागत में कमी आएगी और उपज का अच्छा दाम मिलने से आमदनी में भी वृद्धि होगी. कृषि मंत्री मंगलवार को चंडीगढ़ में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित चौथी इनोवेटिव फार्मर्स मीट के समापन समारोह को संबोध‍ित कर रहे थे. इस दौरान अलग-अलग सत्रों में किसानों व विशेषज्ञों ने कृषि क्षेत्र के समक्ष आ रही चुनौतियों के समाधान की चर्चा की.

दलाल ने कहा कि किसानों को कई बार अपनी उपज का कम दाम मिलता है, इसलिए वो परंपरागत फसलों की खेती को छोड़कर फसल विविधीकरण अपनाने से घबराते हैं. इस दिशा में सरकार के साथ-साथ उद्योगपति फूड प्रोसेस‍िंग उद्योग स्थापित करके किसानों को बड़ी राहत पहुंचा सकते हैं. आज का यह कार्यक्रम किसानों और उद्योगपतियों को साथ में जोड़ने की एक पहल है. उन्होंने कहा कि कृषि और क‍िसानों को बढ़ाने के ल‍िए सरकार न स‍िर्फ उर्वरक, बीज और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दे रही है बल्क‍ि मिट्टी के स्वास्थ्य को ठीक रखने के ल‍िए स्वायल हेल्थ कार्ड भी बना रही है. 

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बागवानी और झींगा पालन पर जोर दें क‍िसान 

दलाल ने कहा कि आज प्रत‍ि व्यक्त‍ि जमीन की जोत घटती जा रही है, इसलिए किसानों को आमदनी के अन्य स्रोतों की ओर बढ़ना होगा. परंपरागत खेती की बजाय बागवानी, फल, फूल, मत्स्य पालन और झींगा पालन इत्यादि को अपनाना होगा. उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में लगभग 2500 एकड़ क्षेत्र में झींगा पालन हो रहा है. विदेशों में भी इसकी मांग है. इसका पालन करके एक एकड़ में किसान 15 से 20 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं. हरियाणा सरकार प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज चेन स्थापित करने पर लगातार जोर दे रही है. प्रदेश में फूड प्रोसेस‍िंग इंडस्ट्री लगने से किसानों को कम दाम पर उपज बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा. उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग होकर विदेशों में भी निर्यात करने में मदद मिलेगी. 

परंपरागत फसलों में पानी की ज्यादा खपत

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए भी किसानों को 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है.  खेतों में तालाब बनाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. परंपरागत फसलों की खेती से पानी का भी अत्यधिक दोहन हो रहा है. ऐसे में इस ट्रेंड को बदलने की जरूरत है. जल संरक्षण के ल‍िए मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत धान के स्थान पर कम पानी से तैयार होने वाली फसलों की खेती करने पर किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन रकम दी जा रही है.  इसके अलावा, धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 4000 रुपये प्रति एकड़ की दर से पैसा द‍िया जा रहा है. 

कोरोना काल में क‍िसानों ने संभाली अर्थव्यवस्था

कृष‍ि मंत्री ने कहा क‍ि कोरोना काल में भारत की अर्थव्यवस्था को संभालने वाले किसान ही हैं. इनकी मेहनत के बल पर ही देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है. आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में नए और उन्नतिशील तरीकों का समर्थन किया जा रहा है. अब किसानों व उद्योगपतियों को एक साथ लाने जरूरत है. समारोह में पंजाब सरकार के विशेष मुख्य सचिव पीके सिन्हा और जल संसाधन विभाग हरियाणा के इंजीनियर-इन-चीफ डॉ. सतबीर कादियान भी मौजूद रहे.  

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