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Poultry: अंडे-चिकन के फार्म में मुनाफा चाहिए तो करें ये दो काम, पढ़ें पोल्ट्री एक्सपर्ट के टिप्स

Poultry: अंडे-चिकन के फार्म में मुनाफा चाहिए तो करें ये दो काम, पढ़ें पोल्ट्री एक्सपर्ट के टिप्स

ऐग एक्सपोर्ट में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है. चिकन एक्सपोर्ट को एक बड़े स्तर पर ले जाने के लिए भी कोश‍िशें शुरू हो गई है. इस वक्त देश अंडा उत्पादन में दूसरे तो चिकन में चौथे नंबर पर है. देश में हर रोज करीब 25 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है. नमक्कल, तमिलनाडुु और बरवाला, हरियाणा दो देश की बड़ी अंडा मंडी हैं.

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‘पोल्ट्री सेक्टर तेजी से बढ़ने वाला कारोबार बन चुका है. हर साल पोल्ट्री प्रोडक्ट के उत्पादन में आठ फीसद की दर से बढ़ोतरी हो रही है. अंडे और चिकन के लिए पोल्ट्री फार्म खुल रहे हैं. केन्द्र और राज्य सरकारें भी पोल्ट्री फार्म शुरू करने के लिए योजनाएं चला रही हैं. अंडे-चिकन के एक्सपोर्ट पर जोर दिया जा रहा है. लेकिन बदलते वक्त के साथ ही पोल्ट्री फार्म में भी बदलाव आ गया है. अब पोल्ट्री फार्म में मुनाफे का रास्ता उपकरण और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से होकर जाता है.’ 

ये कहना है पोल्ट्री इक्यूपमेंट एक्सपर्ट और पोल्ट्री इंडिया के प्रेसिडेंट उदय सिंह का. गौरतलब रहे पोल्ट्री इंडिया द्वारा हर साल नवंबर में साउथ एशिया के सबसे बड़े पोल्ट्री एक्सपो का आयोजन किया जाता है. एक्सपो में देश-विदेश की पोल्ट्री से जुड़ी कंपनियां और एक्सपर्ट हिस्सा लेते हैं. हाल ही में 21 से लेकर 24 नवंबर तक इसका आयोजन हैदराबाद में किया गया था.

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बीमारी से बचाता है फीड में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल 

प्रेसिडेंट उदय सिंह ब्यास ने किसान तक को बताया कि फीड की कम या ज्यादा मात्रा मुर्गियों को बीमार कर सकती है. कम खाया तो ग्रोथ अच्छी नहीं होगी और कमजोर होकर बीमार हो जाएंगी. वहीं अगर ज्यादा खाया तो बीमार हो जाएंगी. इसलिए आजकल पोल्ट्री फार्म में मशीनों से फीड दिया जा रहा है.

मशीन मुर्गियों के केज के सामने उतना ही फीड डालती है जितनी उन्हें जरूरत है. या कह लें कि इस तरह की सेटिंग कर दी जाती है. इतना ही नहीं आज ऐसे-ऐसे माइक्रोस्कोप आ रहे हैं जो फीड के एक दाने को भी चेक करके बता देते हैं कि वो ठीक से पका है या नहीं. या फिर उसमे फंगस तो नहीं आ गया है. क्योंकि कच्चा और फंगस वाला फीड खाने से मुर्गियां बीमार हो जाएंगी. 

बीमारी से बचाकर फायदा कराती है बॉयो सिक्योरिटी

उदय सिंह का कहना है कि कोविड-19 के बाद से पोल्ट्री फार्म में बॉयो सिक्योरिटी बहुत जरूरी हो गई है. अगर बॉयो सिक्योारिटी का पालन किया जाएगा तो बीमारियां फार्म के बाहर ही रहेंगी और बीमारी रहित अंडा-चिकन तैयार हो सकेगा. साथ ही बर्ड फ्लू के खतरों को भी रोक सकेंगे. इसका एक सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि आपका प्रोडक्ट एक्सपोर्ट के मानकों पर तैयार होगा और आप अपने अंडे-चिकन को इंटरनेशनल मार्केट में भी बेच सकेंगे. हाल ही में देश में 29 कंपार्टमेंट जोन को बीमारी रहित घोषित किया गया है. 

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मुनाफे में सहायक हैं पोल्ट्री के ये इक्यूपमेंट

उदय सिंह का कहना है कि आज के मौजूदा वक्त में कुछ इक्यू्पमेंट तो ऐसे हैं जो हर छोटे से छोटे पोल्ट्री फार्म में बहुत जरूरी हैं. इन इक्यूपमेंट के फार्म में होने से मुनाफा होने के चांस बढ़ जाते हैं. जैसे चिक्स (चूजे) से लेकर एडल्ट मुर्गी के लिए पानी पीने को ड्रिंकर, दाना खाने के लिए फीडर और ठंड के मौसम में हीट देने के लिए ब्रूडर. गर्मियों के लिए कई तरह के पंखे भी आने लगे हैं. लेअर बर्ड के सेमी और फुली ऑटोमेटिक केज भी बन और इस्तेमाल हो रहे हैं.