एग्री न्यूज़ अपडेट एपिडा (APEDA), फसलों का आयात-निर्यात, राजस्थान बजट 2023 (Rajasthan Budget 2023) अपडेट, राजस्थान कृषि बजट 2023 (Rajasthan Agriculture Budget 2023), पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana Status) की 13वीं किस्त, कृषि बजट 2023 (Agriculture Budget 2023), किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card), किसानों का प्रदर्शन, आज मौसम कैसा रहेगा (Latest Weather Update), गेहूं फसलों का रकबा, एमएसपी पर फसलों की खरीदारी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)अपडेट, फसलों में लगने वाले रोग, फलों और सब्जियों की कीमत से जुड़ा हर अपडेट, कृषि मशीनरी से जुड़ी नई तकनीकों की पूरी जानकारी के लिए पढ़ते रहें आज का हमारा लाइव अपडेट्स (Live Updates)-
आगरे का पेठा और ताजमहल दोनों साथ-साथ के माने जाते हैं. आज पूरे विश्व में ताजमहल के चलते आगरे के पेठे की भी खास पहचान है. पेठे को गरीबों की मिठाई भी कहा जाता है क्योंकि अन्य मिठाइयों की अपेक्षा यह काफी सस्ती होती है. इस पेठे को बनाने में कुम्हड़े का बड़ा रोल होता है. इतिहासकार बताते हैं कि ताजमहल के निर्माण के दौरान कारीगरों को सबसे अधिक पसंद पेठे की मिठाई होती थी. आज भी आगरा के नूरी दरवाजा के आसपास 400 से ज्यादा पेठे की दुकानें चलती हैं जहां पर हर रोज दो करोड़ रुपये से ज्यादा की पेठे की बिक्री होती है. वही पेठे के लिए कुम्हड़ा पश्चिम उत्तर प्रदेश के औरैया, फर्रूखाबाद, इटावा, मैनपुरी के किसानों के द्वारा पैदा किया जाता है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
आपने इंसानों, इतिहास और साहित्य के साथ-साथ जंगली जानवरों का म्यूजियम देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी ऊंटों का म्यूजिमय देखा है? अगर नहीं, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल राजस्थान के बीकानेर जिले में है राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र यानी एनआरसीसी के कैंपस में कैमल म्यूजियम बना हुआ है. इस म्यूजियम में ऊंटों से जुड़ी तमाम जानकारियों को बेहद करीने से सजाकर काफी जानकारियों के साथ यहां आने वाले पर्यटकों के लिए रखा गया है. इस केन्द्र को पांच जुलाई 1984 को स्थापित किया गया था. तब से यह केन्द्र ऊंटों के संवर्धन, विकास और इससे जुड़ी तमाम रिसर्च के लिए काम कर रहा है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
भारतीय कृषि क्षेत्र में मछली पालन काफी लोकप्रिय है. मछली पालन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है. अगर किसान अच्छे तरीके से मछली पालन करें तो कृषि क्षेत्र में इससे अलग ही पहचान बनाई जा सकती है. मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा भी योजनाएं संचालित कि जाती हैं. इसी कड़ी में हरियाणा मत्स्य पालन विभाग द्वारा मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2023-24 के दौरान सब्सिडी पाने के लिए 28 फरवरी 2023 तक आवेदन पत्र जमा करने की आखिरी तारीख तय की गई है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
आम के शौकीन लोगों का इंतजार अब खत्म गया है, क्योंकि अब बाजार में आम दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पैदा होने वाले दशहरी आम को अभी बाजार पहुंचने में 3 महीने से ज्यादा का समय है. वहीं आम की फसल तैयार होने से पहले किसानों को कई तरह के चुनौतियों से निपटना पड़ता है. आम के लिए मामूली से दिखने वाला थ्रिप्स नाम का कीट खूब नुकसान पहुंचाता है. इस कीट की 20 प्रजातियां अभी तक पहचानी गई है. इस कीट का प्रकोप फरवरी से लेकर अप्रैल महीने तक रहता है. आम की पत्तियों और नई कलियों और फूलों पर इसका प्रकोप सबसे ज्यादा होता है. अगर किसानों को इस कीट को पहचानने में थोड़ी भी देरी होती है तो यह फसल के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है. इस कीट से निपटने के लिए किसान तक से बातचीत में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के कीट विशेषज्ञ ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह किसानों को दी है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आमदनी को दोगुना करने का प्रयास लगातार जारी है. इसके मद्देनजर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को मल्टी लेयर फार्मिंग और सहफसली खेती के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. वही उत्तर प्रदेश में कई किसानों ने खेती के ऐसे मॉडल विकसित किए हैं जिसकी खूब तारीफ हो रही है. रायबरेली जनपद के ऐसे ही किसान रामगोपाल चंदेल भी हैं, जिन्हें खेती के मॉडल विकसित करने की वजह से मुख्यमंत्री द्वारा ₹100000 के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. रामगोपाल अपने खेत में बागवानी के साथ-साथ सह-फसल खेती के रूप में गेहूं का भी उत्पादन करते हैं जिसके चलते उनकी आय में काफी इजाफा हुआ है. उनके इस प्रयास में उद्यान विभाग भी पूरा सहयोग कर रहा है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
जी-20, एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए कहा कि धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना है, कैमिकल से बचाना है. इतना ही नहीं कई रोग इससे पैदा हो रहें है. प्राकृतिक खेती की तरफ दुनिया आगे आए ये प्रयास भारत की ओर से किया जा रहा है.
जी-20, एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप बैठक में 30 देशों ने हिस्सा लिया है. 12 संस्थान, 89 डेलीगेट्स शामिल हैं. इस सम्मेलन में दुनिया को मोटे अनाज की विशेषता के बारे में बताया जा रहा है.
केंद्र सरकार ने हाल ही में 'वैलेंटाइन डे' के मौके पर गाय को गले लगा कर 'काऊ हग डे' के रूप में मनाने की अपील की थी. इस अपील को हालांकि बाद में वापस ले लिया गया. इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने गाय का माथा स्पर्श कर आशीर्वाद लेकर प्रेम दिवस मनाने की अपील की है. यूपी के पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश की जनता से अपील जारी करके नए अंदाज में प्रेम दिवस मनाने का अनुराध किया है. उन्होंने अपील में कहा है कि 14 फरवरी को 'वैलेंटाइन डे' विश्व में प्रेम दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन गौमाता के प्रति प्रेम और आस्था व्यक्त करके प्रेम दिवस मनाया जाए.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूपी की योगी सरकार द्वारा लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS 23) का कल समापन करते हुए कृषि और किसान कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना भी की. राष्ट्रपति ने जीआईएस23 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी में कृषि उपज के साथ डेयरी, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य क्षेत्रों में होने वाले निवेश से समूचे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. इससे उत्तर प्रदेश ही नहीं, समूचे देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
यूपी सरकार ने प्रदेश के हर जिले की किसी एक मशहूर स्थानीय वस्तु को 'एक जिला एक उत्पाद योजना' (ODOP) का हिस्सा बनाकर उसे विशिष्ट पहचान देने की कारगर मुहिम शुरू की है. इनमें खास किस्म के स्थानीय कृषि उत्पादों से लेकर हथकरघा उत्पाद भी शामिल हैं. इस मुहिम के तहत यूपी आने वाले मेहमानों को भी सरकार की ओर से ओडीओपी उत्पाद ही भेंट किए जाते हैं. इस रवायत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के यूपी प्रवास के दौरान भी लागू किया गया. मौका था देश की प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति मुर्मू के नागरिक अभिनंदन का और इस अवसर की सार्थकता को सिद्ध कर रहे थे राज्य के किसान, गांवों को मजबूत बना रही स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, हस्तशिल्पी और दूरदराज से आए लोक कलाकार. इन सभी ने रविवार को राज्य सचिवालय की इमारत 'लोकभवन' में आयोजित राष्ट्रपति के नागरिक अभिनंदन समारोह को स्थानीय उत्पादों की महक से यादगार बना दिया.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
9 से 12 फरवरी तक बिहार के पटना में आयोजित कृषि यंत्रीकरण मेला में जम कर लोगों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई. इस मेले में फसल अवशेष प्रबंधन समेत तमाम कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को सब्सिडी की सुविधा भी दी गई. खबर के मुताबिक इस मेले में 30 हजार लोग पहुंचे साथ ही कृषि यंत्रों की खरीदी भी की.
जी-20 कृषि कार्य समूह की पहली कृषि प्रतिनिधि बैठक आज से यानी 13 से 15 फरवरी 2023 तक इंदौर (मध्य प्रदेश) में आयोजित की जाएगी. जिसका आगाज अब हो चुका है. अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि इंदौर पहुंच चुके हैं. इंदौर में राजवाड़ा पैलेस में हेरिटेज वॉक का आनंद लेते प्रतिनिधियों की झलक.
तापमान बढ़ने के साथ ही इस बात की आशंका जताई जाने लगी है कि गेहूं की फसल पर इस साल भी असर पड़ सकता है. लेकिन, इससे जुड़े कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक जितना तापमान है उसमें किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. अभी मौसम ठंडा है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस है. वैसे भी इस साल देश के ज्यादातर हिस्सों में हीट टॉलरेंट वैराइटी का गेहूं ज्यादा बोया गया है. इसलिए इतनी गर्मी सामान्य है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
दिल्ली में सोमवार सुबह तेज हवाएं चल रही थीं और शहर का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
किसानों के नवाचरों को आगे लेकर आने और किसानों को बढ़ावा देने के लिए हर साल पूसा में कृषि विज्ञान मेला का आयोजन किया जाता है. इस साल यह मेला 2 से 4 मार्च 2023 तक आयोजित किया जाएगा.
हम सभी जानते हैं कि बहुत सारे मुल्क में हलाल सटिफिकेट पर ही मीट खरीदा जाता है. भारत से हर साल लाखों टन मीट एक्सपोर्ट होता है. लेकिन अब दूध भी हलाल सर्टिफिकेट दिखाने पर ही खरीदा जा रहा है. हरियाणा की वीटा डेयरी से दो देश दूध खरीदते हैं. लेकिन दूध खरीदने-बेचने का सौदा हलाल सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही हुआ है. खास बात यह है कि हर साल हलाल सर्टिफिकेट को रिन्यू भी कराया जाता है. बकायदा एक टीम सभी चीजों को परखने के बाद ही हलाल सर्टिफिकेट जारी करती है और उसे रिन्यू भी करती है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें : लिंक
ऊर्जा और पोषण से भरपूर हैं ये स्नैक्स. एफएसएसएआई ने अपने ट्विटर पर कुरकुरे सोरघम फ्लेक्स क्रैकर्स रेसिपी को खाने की सलाह दी है. कहा है किसी भी समय के लिए एकदम सही स्नैक हैं!
बिहार के किसानों को बीज मुहैया करवाने के लिए बिहार सरकार ने ठोस कदम उठाया है. आपको बता दें 15 जनवरी के घर-घर गरमा बीज पहुंचाने का काम किया जाएगा. इतना ही नहीं कम से कम 40% बीज होम डिलीवरी करने का लक्ष्य तय किया गया है. गरमा फसल के बीज में मूंग, उड़द, मक्का और सूरजमुखी का बीज शामिल है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के उद्घाटन करने से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में एक बार फिर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का मुद्दा उठाया. गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दे. गहलोत वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पीएम के कार्यक्रम से जुड़े थे और अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राजस्थान के सड़क प्रबंधन और जीडीपी के बारे में जानकारी देने के बाद आखिर में पीएम से ERCP को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की मांग दोहराई.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: लिंक
इंदौर 13 फरवरी से 15 फरवरी, 2023 तक इंदौर में पहली कृषि कार्य समूह की बैठक के लिए प्रतिनिधियों का स्वागत करने के लिए तैयार है. बैठक में पहुंचे अतिथियों का इंदौर हवाई अड्डे पर पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ स्वागत किया गया.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today