रीपर बाइंडर मशीन भारत एक कृषि प्रधान देश है. वहीं, देश की लगभग 60% आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है. जो किसान कृषि पर निर्भर हैं, उनमें से ज्यादातर किसान लघु और सीमांत वर्ग की श्रेणी में आते हैं. इन किसानों के लिए कृषि में उपयोग किए जाने वाले महंगे कृषि यंत्रों को खरीद पाना काफी मुश्किल होता है. किसानों की इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र व राज्य सरकारों के द्वारा समय-समय पर ऐसे कृषि यंत्रों पर सब्सिडी पर मुहैया कराया जाता है.
इसी क्रम में बिहार राज्य सरकार ‘कृषि यंत्रीकरण योजना’ के तहत राज्य के किसानों को ऑटोमेटिक रीपर मशीन की खरीद पर 50% तक सब्सिडी (Subsidy on Reaper Binder Machine) दे रही है.
किसानों के लिए फसलों की कटाई करना एक बड़ा काम है. इसमें मेहनत और समय दोनों लगता है, लेकिन रीपर बाइंडर मशीन (Reaper Binder Machine) का उपयोग करके इस काम को आसान बनाया जा सकता है. दरअसल, फसलों की कटाई के लिए रीपर बाइंडर मशीन (Reaper Binder Machine) बहुत ही लाभकारी मशीन है. रीपर बाइंडर मशीन लगभग 1 घंटे में 25 मजदूरों की बराबर कटाई कर देती है. वहीं, इसकी मदद से 5 से 7 सेंटीमीटर लंबी फसलों को भी आसानी से काटा जा सकता है.
बिहार कृषि विभाग ने ‘कृषि यंत्रीकरण योजना’ शुरू की है, जिसके तहत ऑटोमेटिक रीपर मशीन की खरीद पर किसानों को सब्सिडी मिल रही है. इस योजना के तहत सामान्य श्रेणी के किसानों को 40 % की सब्सिडी का प्रावधान है यानी ऑटोमेटिक रीपर मशीन की खरीद पर अधिकतम 50,000 रुपये दिए जाएंगे. वहीं अत्यंत पिछड़ा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति श्रेणी के किसानों को 50% छूट दी जा रही है. हालांकि, इस वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र दिखाना होगा, जिसके बाद ऑटोमेटिक रीपर मशीन की खरीद पर 60,000 रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी.
कृषि यंत्रीकरण सब्सिडी योजना (Agricultural Mechanization Scheme) के अंतर्गत किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों की खरीद पर आर्थिक सब्सिडी दिया जाता है, ताकि किसान भाई खेतों की जुताई, बुवाई, कटाई और थ्रेसिंग का काम आसानी से निपटा सकें.
ऑटोमेटिक रीपर की खरीद पर सब्सिडी पाने के लिए आवेदन
किसान भाई, बिहार राज्य सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ऑटोमेटिक रीपर मशीन की खरीद पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर- 1800-180-1551 पर कॉल कर सकते हैं.
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