Workers packing wheat the Anaj Mandi or wheat market in Ballabgarh, Haryana- photo by Vikram Sharmaउत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नया आदेश जारी किया है. इस आदेश में गेहूं बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत दी गई है. सरकार ने अपने नए निर्देश में कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना भी किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं बिक्री में किसानों को हो रही असुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया है. किसान पहले की तरह अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे. यूपी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को यह फैसला तत्काल लागू करने के दिए निर्देश दिए हैं.
यूपी में 30 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू हुई है. किसानों से गेहूं खरीदने के लिए क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी सूरत में परेशानी नहीं होनी चाहिए. वहीं मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी और बैठने समेत हर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं.
सरकार ने निर्देश दिया है कि पर्याप्त मात्रा में गेहूं की खरीद की जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े. प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि खाद्य और रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 50 लाख मीट्रिक टन किए जाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं. बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीद 30 मार्च से लेकर 15 जून तक चलेगी. किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर गेहूं की खरीद होगी और इसका रेट 2585 रुपये निर्धारित किया गया है. यूपी में 2,24,674 रजिस्टर्ड किसान हैं जो गेहूं बिक्री में एमएसपी रेट का फायदा ले सकेंगे. पूरे प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए तय केंद्रों की संख्या 6500 है. सरकार के निर्देश के मुताबिक, उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे.
यूपी सरकार ने इस सीजन में 12,925 करोड़ रुपये के गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है. सरकार का कहना है कि इस रबी सीजन अधिक से अधिक गेहूं खरीद कर किसानों की कमाई बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. तभी सरकार ने गेहूं की मात्रा को 50 लाख टन तक खरीदने की योजना बनाई है जिसके लिए किसानों को 2585 रुपये का रेट मिलेगा. यह रेट पिछले साल से 160 रुपये अधिक है. इसके अलावा, किसानों को गेहूं सफाई और अन्य काम के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल देने का प्रावधान है.
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