हरियाणा में सरकारी गेहूं खरीदी का काम तेजहरियाणा में रबी खरीद सीजन 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश भर की मंडियों और खरीद केंद्रों में सफलतापूर्वक सरसों और गेहूं की खरीद की जा रही है. पिछले साल की तुलना में इस साल रबी खरीद 2026-27 के दौरान 12 अप्रैल तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है और लगभग 2.44 लाख किसानों का 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन हो चुका है. 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और लगभग 188 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खाते में सीधे तौर पर ट्रांसफर हो चुका है.
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान सरसों की खरीद 28 मार्च 2026 और गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है. भारत सरकार की ओर से सरसों और गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमशः 6200 और 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. राज्य में सरसों की खरीद के लिए 112 मंडियों या खरीद केंद्र खोले गए हैं और गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियां और खरीद केंद्र के अलावा 264 अतिरिक्त खरीद स्थान भी खोले गए हैं.
राज्य में सरसों की खरीद हैफेड और गेहूं की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम की ओर से की जा रही है.
राज्य सरकार की ओर से खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को ओर अधिक मजबूत और पारदर्शिता बनाने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं जैसे कि किसानों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, गाड़ी का रजिस्ट्रशन नंबर, मंडियों या खरीद केंद्रों की जियो फेंसिंग, कैमरे इत्यादि. राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले साल रबी खरीद सीजन 2025-2026 के दौरान 12 अप्रैल 2025 तक राज्य भर की मंडियों में लगभग 20.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी और लगभग 10.47 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी और 174.39 करोड़ राशि का भुगतान किसानों की किया गया था.
सरकार की ओर से राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए 1281 मशीनें, 407 आंख की पुतली से पहचान (Iris Scanning devices) मशीनें लगाई गई हैं. इसके अलावा 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पर रजिस्टर्ड किसान खुद या उनकी ओर से निर्धारित प्रतिनिधियों में से कोई भी एक व्यक्ति, मंडी में आने के बाद अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करते हुए फसल बेच सकता है.
उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 2500 और 114 तकनीकी स्टाफ नियुक्त किया गया है. राज्य की मंडियों में लगभग 932 कैमरे लगाए गए हैं जिससे मंडियों की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी. राज्य सरकार की ओर से खाद्यान्नों की खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं और राज्य के किसानों को अपनी उपज की बिक्री करने में परेशानी नहीं आने नहीं दी जाएगी. राज्य सरकार 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से उनका एक-एक दाने की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य करने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
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