नासिक से दिल्ली आएगी कांदा एक्सप्रेसदेशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मूल्य स्थिरीकरण योजना (Price Stabilization Scheme) के तहत महाराष्ट्र के लासलगांव से 840 टन बफर स्टॉक प्याज दिल्ली भेजा जा रहा है. इसके साथ ही सरकार ने घोषणा की है कि बफर स्टॉक का प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.
हालांकि, लासलगांव रेलवे स्टेशन से प्याज लेकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन तय समय पर रवाना नहीं हो सकी. अधिकारियों के अनुसार 21 बोगियों वाले रैक में प्याज की लोडिंग पूरी नहीं होने के कारण ट्रेन की रवानगी में देरी हुई है. जैसे ही लोडिंग प्रक्रिया पूरी होगी, ट्रेन को तुरंत दिल्ली के लिए रवाना कर दिया जाएगा.
देश की सबसे बड़ी प्याज मंडियों में शामिल लासलगांव से प्याज भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है. रेलवे स्टेशन पर 21 बोगियों का विशेष रैक पहुंच चुका है. ट्रकों के जरिए बफर स्टॉक का प्याज स्टेशन लाया जा रहा है, जहां उसे रेलवे बोगियों में लोड किया जा रहा है.
नेफेड (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) द्वारा खरीदे गए इस प्याज को राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाया जाएगा ताकि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके.
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए बफर स्टॉक से प्याज जारी करने का फैसला किया है. सरकार केंद्रीय भंडार, नेफेड और एनसीसीएफ के बिक्री केंद्रों के माध्यम से उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराएगी.
सरकार का मानना है कि बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति आने से खुदरा कीमतों पर दबाव पड़ेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.
जानकारी के अनुसार 'कांदा एक्सप्रेस' की पहली खेप चेन्नई, मदुरै, गुवाहाटी और एर्नाकुलम जैसे शहरों के लिए भेजी जाएगी. इसके बाद दूसरी बड़ी खेप दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य बाजारों की ओर रवाना की जाएगी.
सरकार का उद्देश्य उन क्षेत्रों में तेजी से प्याज पहुंचाना है जहां कीमतों में सबसे अधिक उछाल देखा जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली समेत बड़े उपभोक्ता बाजारों में बफर स्टॉक का प्याज पहुंचने के बाद खुदरा कीमतों में नरमी आ सकती है. वहीं नासिक जिले की अलग-अलग कृषि उपज मंडियों में भी इसके असर की संभावना जताई जा रही है.
हाल के दिनों में प्याज की कीमतों में तेजी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी थी. ऐसे में सरकार का यह कदम कीमतों को नियंत्रित करने और बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
त्योहारी सीजन से पहले प्याज की कीमतों को नियंत्रण में रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है. इसी वजह से केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल करते हुए सीधे बाजार में हस्तक्षेप किया है. सरकार को उम्मीद है कि बढ़ी हुई आपूर्ति और 35 रुपये किलो की नियंत्रित बिक्री से प्याज की महंगाई पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.(प्रवीण ठाकरे और दीपेश त्रिपाठी की रिपोर्ट)
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