कृषि मंत्री श्याम सिंह राणाहरियाणा की मंडियों में धान की नई फसल पहुंचनी शुरू हो गई है, लेकिन किसान अभी सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि 1 अक्टूबर से पहले धान की सरकारी खरीद शुरू की जाए, ताकि मंडियों में फसल आने के साथ ही किसानों को परेशानी न हो. इस बीच शुक्रवार को हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 25 सितंबर शाम तक धान की सरकारी खरीद को लेकर फैसला ले सकते हैं. लेकिन इस पर मुख्यमंत्री की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है.
करनाल पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि धान का सीजन शुरू हो चुका है और मंडियों में फसल की आवक भी शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि धान मुख्य रूप से दो तरह की है. इसमें पीआर धान और बासमती धान शामिल हैं. कृषि मंत्री के मुताबिक, बासमती धान की मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है. उन्होंने बताया कि अब तक करीब 42 लाख 73 हजार 54 मीट्रिक टन बासमती और करीब 2,080 के आसपास सामान्य धान मंडियों में पहुंच चुकी है. हालांकि सरकारी खरीद को लेकर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है.
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद है. अनुमति मिलते ही सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले सीजन में 25 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हुई थी. इस बार भी जल्द खरीद शुरू करने को लेकर सरकार विचार कर रही है. उन्होंने किसानों से कहा कि मुख्यमंत्री के फैसले का इंतजार करें.
हरियाणा की अलग-अलग मंडियों में किसान अपनी धान की फसल लेकर पहुंच रहे हैं. ऐसे में किसानों की चिंता है कि अगर सरकारी खरीद शुरू होने में देरी हुई तो उन्हें फसल बेचने में परेशानी हो सकती है. किसान लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि धान की खरीद 1 अक्टूबर से पहले शुरू की जाए.
धान की कटाई के बाद पराली जलाने के मामलों को लेकर भी कृषि मंत्री ने बात की. उन्होंने कहा कि हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सरकार लगातार काम कर रही है. किसानों को पराली खेत में मिलाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाती है. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे पराली को जलाने के बजाय उसे खेत में ही मिला दें. इसके अलावा जिन किसानों के लिए पराली को खेत में मिलाना संभव नहीं है, उनके लिए मशीनों की व्यवस्था की गई है.
कृषि मंत्री के मुताबिक, किसान पराली की बेलिंग कराकर उसे फैक्ट्रियों में बेच भी सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसानों की पराली खरीदी जा रही है और करीब 2,500 रुपये प्रति एकड़ तक पराली की बिक्री हो रही है. वहीं, पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से 1,200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की बात भी उन्होंने कही. फिलहाल किसानों की नजर मुख्यमंत्री के फैसले पर है. अगर सरकारी खरीद शुरू करने का फैसला होता है, तो मंडियों में धान बेचने का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है.
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