fertilizer News: खरीफ सीजन में नहीं होगी उर्वरक की कमी, अकेले अमेठी को मिली 2700 मीट्रिक टन यूरिया

fertilizer News: खरीफ सीजन में नहीं होगी उर्वरक की कमी, अकेले अमेठी को मिली 2700 मीट्रिक टन यूरिया

अभी खरीफ का सीजन चल रहा है जिसमें कई फसलों की बुआई हो रही है. इसमें धान सबसे प्रमुख है जिसकी रोपनी लगभग हो चुकी है. इसके बाद धान में यूरिया जैसी खादों का छिड़काव होना है. इसे देखते हुए खादों की मांग बढ़ गई है. यही वजह है कि सरकार खादों की सप्लाई पर गंभीरता से नजर रख रही है.

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fertilizer News: खरीफ सीजन में नहीं होगी उर्वरक की कमी, अकेले अमेठी को मिली 2700 मीट्रिक टन यूरियायूरिया का भंडारण

उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन के अंतर्गत धान की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा यूरिया की जरूरत होती है. साल 2022-23 के अनुभव को देखते हुए इस बार कृषि विभाग उर्वरक के भंडारण को लेकर काफी सचेत है. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता हो सके, इसके लिए 2700 मीट्रिक टन यूरिया अगले सप्ताह तक प्राप्त हो जाएगी. अभी तक 1881 मीट्रिक टन डीएपी की सप्लाई हो चुकी है. जिले में खाद मिलने से खरीफ सीजन के किसानों को यूरिया और डीएपी के लिए इस बार परेशान नहीं होना पड़ेगा.

किसानों को नहीं होगी खाद की कमी

उत्तर प्रदेश के खरीफ सीजन के किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की मांग के अनुरूप इस बार कृषि विभाग ने पहले से ही तैयारी कर ली है. वर्ष 2022-23 मई में यूरिया और डीएपी को लेकर किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी. पिछले साल के अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही उर्वरक को लेकर तैयारी कर ली थी.

प्रदेश में यूरिया और डीएपी की निर्धारित मांग से ज्यादा उर्वरक का भंडारण इस बार किया गया है. अमेठी जिले की 78 सहकारी समितियों के साथ चार केंद्रों पर भी यूरिया और डीएपी का भंडारण है जहां से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाती है. जिले में खाद की कोई कमी न हो, इसके लिए पहले से ही पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं.

अमेठी जिले को अब तक 1881 मीट्रिक टन डीएपी की प्राप्ति हो चुकी है. इसके अलावा इसी सप्ताह 2700 मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई भी हो जाएगी. मौजूदा समय में 600 मीट्रिक टन यूरिया जिले में मौजूद है. वही नैनो डीएपी और यूरिया की पर्याप्त मात्रा भी उपलब्ध है.

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नैनो डीएपी के प्रति बढ़ा रुझान

उत्तर प्रदेश में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प बन चुका है. इफको के क्षेत्राधिकारी शिशुपाल ने बताया कि इफको डीएपी और यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया और डीएपी का प्रयोग किसान अब करने लगे हैं. इसके लिए उन्हें अधिक पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती है.

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नैनो यूरिया और डीएपी की मात्रा किसानों को पहले के मुकाबले आधी खर्च करनी पड़ती है. वहीं इसके उपयोग के बड़े फायदे हैं. इफको क्षेत्राधिकारी ने बताया जिले में पर्याप्त मात्रा में सभी केंद्रों पर उर्वरक उपलब्ध है. वहीं इसी सप्ताह जिले को 2753 मीट्रिक टन यूरिया की सप्लाई हो जाएगी.

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