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Flower exhibition: गुलदाउदी और कोलियस की फूलों की खुशबू से महकी एनबीआरआई की बगिया

Flower exhibition: गुलदाउदी और कोलियस की फूलों की खुशबू से महकी एनबीआरआई की बगिया

राजधानी लखनऊ में खुशनुमा मौसम के बीच फूलों की रंगीन दुनिया को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. प्रदर्शनी में फूलों के राजा, फूलों की रानी और राजकुमार को मौजूद देखकर लोग रोमांचित भी हो रहे हैं. लखनऊ की सरजमीं पर फूलों की हजारों किस्म को देखकर बच्चे, बूढ़े और जवान खुद को रोक नहीं पाए.

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राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान की तरफ से दो दिवसीय गुलदाउदी एवं कोलियस पुष्प की प्रदर्शनी आयोजन हो रहा है. राजधानी लखनऊ में खुशनुमा मौसम के बीच फूलों की रंगीन दुनिया को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. प्रदर्शनी में फूलों के राजा, फूलों की रानी और राजकुमार को मौजूद देखकर लोग रोमांचित भी हो रहे हैं. लखनऊ की सरजमीं पर फूलों की हजारों किस्म को देखकर बच्चे, बूढ़े और जवान खुद को रोक नहीं पाए. लोगों ने फूलों के साथ खूब सेल्फी ली. प्रदर्शनी में गुलदाउदी और कोलियस पुष्पों की देश के भीतर सबसे ज्यादा प्रजातियां देखने को मिली है.

दो दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी शिलांग की पूर्व कुलपति पद्मश्री से सम्मानित प्रमोद टंडन और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान  के निदेशक डॉ.अजीत कुमार शासनी ने किया. 

 एक जगह 500 से ज़्यादा गुलदाउदी और कोलियस की किस्में मौजूद 

रंग बिरंगी सुंदर गुलदाउदी और कोलियस फूलों की 500 से ज्यादा किस्मे एक जगह देखना हो तो राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान में आना होगा. 9 दिसंबर से शुरू हुई फूलों की यह प्रदर्शनी 10 दिसंबर तक चलेगी. एनबीआरआई की ओर से विकसित किस्म के साथ एकत्रित  जर्म प्लाज्म किस्म का भी प्रदर्शन हुआ. बागवानी के शौकीन शहरी लोग भी अपने पौधों को लेकर यहां प्रदर्शनी में शामिल हुए हैं.

उमाशंकर की गुलदाउदी को  मिला राजा का खिताब 

प्रदर्शनी में रणजीत सिंह मेमोरियल ट्रॉफी के लिए राजा का खिताब उमाशंकर शंकर साहू के बड़े फूल वाली गुलदाउदी को दिया गया . वहीं श्रीमती रणजीत सिंह मेमोरियल ट्रॉफी के लिए प्रदर्शनी की रानी सेंट्रल कमांड कैंट मुख्यालय की छोटे फूल वाली गुलदाउदी को चुना गया. इसके अलावा कई सैयद मसूद हसन रानी चलेंगे ट्रॉफी के लिए प्रदर्शनी के राजकुमार का ख़िताब उमाशंकर साहू के स्पाइडर  गुलदाउदी को दिया गया.

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ऐसे तैयार करें बागवानी में गुलदाउदी की किस्म

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के उद्यान प्रभारी डॉ. आर. के राय बताते हैं कि यदि गुलदाउदी के पौधे लगाने हो और अधिक संख्या में पौधे चाहिए तो क्यारी में भी लगाकर पौधे तैयार करें. इसके लिए तीन हिस्सा मिट्टी,एक हिस्सा गोबर की खाद, वह एक हिस्सा नीम की खली का मिश्रण तैयार करें. इस मिश्रण को  क्यारी में भरकर बीज रूप में तीन सप्ताह में पौधे तैयार हो जाएंगे. इन पौधों को जहां लगाना हो वहां ट्रांसफर कर सकते हैं. शुरुआत में इन पौधों को सिंचाई सुबह-शाम करने की जरूरत होती है लेकिन जब तापमान कम हो जाए तो सिंचाई केवल एक समय करनी चाहिए. इस मौसम में 50 से 60 किस्म के फूल खिलते हैं . 

प्रदर्शनी से जमकर हुई फूलों की बिक्री

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय गुलदाउदी और कोलियस फूलों की प्रदर्शनी में कई स्टाल लगाए गए थे. जहां सी-मैप NBRI के नेचुरल प्रोडक्ट समेत अन्य सामान भी उपलब्ध है. यहां बागवानी से संबंधित सामानों की खरीदारी भी लोगों ने खूब की. इसके अलावा पौधों के बीज, नेचुरल प्रोडक्ट ,होममेड फूड की वैरायटी अभी मौजूद दिखाई दी.