किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा. (सांकेतिक फोटो)त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि त्रिपुरा में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 80,000 से अधिक किसानों को 23.61 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. पिछले साल नवंबर में कुल 58,200 किसान प्रभावित हुए थे. जबकि पिछले साल दिसंबर में 20,078 किसान प्रभावित हुए थे. उन्होंने कहा कि मई में आपदा के एक और दौर ने 2,134 किसानों को प्रभावित किया. नाथ ने कहा कि कृषि विभाग ने व्यापक सर्वेक्षण करने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए 14.58 करोड़ रुपये की मांग करते हुए राजस्व विभाग को एक रिपोर्ट सौंपी है.
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, बागवानी विभाग ने भी अलग से सर्वेक्षण किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल बीमा योजना के तहत दिए जाने वाले 44.60 लाख रुपये को छोड़कर कुल 23.61 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. किसानों को 4 जुलाई को जुलैबारी में एक कार्यक्रम में मुआवजा दिया जाएगा. नाथ ने कहा कि सरकार प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की सहायता देगी. उन्होंने कहा कि किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अलग से मुआवजा भी मिलेगा और यह पैसा 15 दिनों के भीतर उनके खाते में जमा कर दिया जाएगा.
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वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि त्रिपुरा के किसान अब ड्रोन के जरिए खेती करेंगे. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा है कि अगले कुछ महीनों में राज्य के अंदर कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि इससे संबंधित कुछ चुनौतियों का समाधान किया जा सके. उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. ताकि ये महिलाएं फलों और फूलों के बगीचों में ड्रोन के जरिए उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव कर सकें. खास बात यह है कि ड्रोन उड़ाने के लिए प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में एक कृषि सखी को नियुक्त किया जाएगा. साथ ही खेती-बाड़ी के लिए ड्रोन भी बांटे जाएंगे.
कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने त्रिपुरा के गोमती जिले के अंतर्गत किला में नए कृषि विकास अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के बाद ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ड्रोन दीदी नामक योजना शुरू की है जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए है. योजना शुरू होने के तुरंत बाद, एक राज्य समिति का गठन किया गया था. समिति की सिफारिशों के अनुसार, ड्रोन को कृषि उप-विभागों में भेजा जाएगा.
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