किसान कारवां महाराजगंजमहाराजगंज जनपद के कानापार गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी हासिल की. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस अभियान का यह 49वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया, वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने उन्नत खेती, बेहतर बीज और फसल प्रबंधन के आधुनिक तरीकों पर मार्गदर्शन दिया. किसानों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने सवालों के समाधान पाए.
सहायक विकास अधिकारी राजेश कुमार ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ इसी के माध्यम से मिलेगा, इसलिए जल्द पंजीकरण जरूरी है. उन्होंने पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप के लाभ बताते हुए कहा कि इससे बिजली बिल और ईंधन पर निर्भरता कम होगी और खेती की लागत घटेगी.
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय कुमार सिंह ने नंदिनी और मिनी नंदिनी योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन योजनाओं में किसानों को कम अंशदान पर ऋण और 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है. इसके साथ ही उन्होंने गर्मी के मौसम में पशुओं की देखभाल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय भी साझा किए.
राजकीय बीज भंडार प्रभारी विजय बहादुर गुप्ता ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत बीजों के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गेहूं, धान और ढैचा के बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है, वहीं कीटनाशकों पर भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध है।
जादूगर सलमान ने किसानों को खेत की मेड़ मजबूत रखने और जरूरत से ज्यादा बीज व उर्वरक के उपयोग से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि हर खेत की अपनी क्षमता होती है, उसी के अनुसार खेती करने से लागत कम और उत्पादन अधिक होगा.
कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 किसानों को 500-500 रुपये दिए गए. इसके अलावा प्रह्लाद को 2000 रुपये और फूलमती को 3000 रुपये का पुरस्कार मिला.
किसान कारवां यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक लंबी और सार्थक यात्रा है, जो 29 दिसंबर 2025 से शुरू होकर मई 2026 के अंत तक प्रदेश भर के सभी 75 जिलों तक पहुंचेगी. किसान तक का किसान कारवां यूपी के हर जिले में पहुंचकर किसानों, ग्राम प्रधानों, प्रगतिशील किसानों और महिला किसानों को एक साझा मंच देगा. यहां खेती से जुड़ी नवीनतम तकनीकों की जानकारी मिलेगी, सरकारी योजनाओं को सरल भाषा में समझाया जाएगा और उन सर्वोत्तम कृषि प्रथाओं पर चर्चा होगी, जो आज के समय में किसानों के लिए वास्तव में उपयोगी हैं.
हमारे इस किसान कारवां में हर पड़ाव पर होंगे विशेषज्ञों के व्याख्यान, आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की प्रदर्शनियां, प्रशिक्षण सत्र और किसान गोष्ठियां. साथ ही, उन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने नवाचार, मेहनत और समझदारी से खेती को एक नई दिशा दी है. किसानों के लिए यह मंच अनुभव साझा करने का भी होगा और सीखने का भी.
1. किसान कारवां क्या है?
किसानों से सीधे जुड़ने वाला किसान तक का विशेष कृषि अभियान.
2. किसान कारवां का उद्देश्य क्या है?
किसानों की समस्याएं, समाधान और नई जानकारी सामने लाना.
3. किसान कारवां किन जगहों पर हो रहा है?
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में.
4. किसान कारवां किन किसानों के लिए है?
छोटे, सीमांत, युवा, महिला और प्रगतिशील किसान-सभी के लिए.
5. किसान कारवां में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
खेती, लागत घटाने के तरीके, तकनीक और योजनाओं की जानकारी.
6. क्या किसान अपनी समस्या सीधे बता सकते हैं?
हां, किसान अपनी बात सीधे मंच पर रख सकते हैं.
7. क्या इसमें भाग लेने के लिए शुल्क है?
नहीं, किसानों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है.
8. किसान कारवां की जानकारी कहां मिलेगी?
किसान तक के सोशल मीडिया हैंडल और यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/@kisantakofficial पर
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