Prime Minister Agricultural Irrigation Schemeप्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हमारे देश के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई है. इस योजना के माध्यम से किसान को अपने खेतों की सिंचाई के लिए उपकरणों पर सब्सिडी की सुविधा दी जाती है. यह सब्सिडी किसानों को इसलिए भी दी जाती है ताकि किसान पानी के साथ-साथ पैसों की भी बचत कर सकें. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से हर खेत में जल की पहुंच बढ़ाने के साथ ही कृषि लागत को कम भी किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और इसकी आवेदन प्रक्रिया.
केंद्र सरकार ने 'हर खेत को पानी' के लक्ष्य के साथ 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' शुरू की है. इसके तहत देश के हर जिले के सभी खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की योजना है. सरकार का लक्ष्य 30-40 प्रतिशत अतिरिक्त खेतों को स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई तकनीक से सिंचित करने का है.
प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) को 2015-16 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य खेत पर पानी की भौतिक पहुंच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करना, कृषि जल उपयोग दक्षता में सुधार करना और स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को लागू करना आदि था. पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी (एचकेकेपी) पीएमकेएसवाई के घटकों में से एक है.
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किसानों को खेती के लिए पानी की कोई कमी न हो इसके लिए सरकार ने इस योजना में पचास हजार करोड़ रुपये की धनराशि मान्य की है. स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई करने के लिए सरकार लागत का 80 से 90 प्रतिशत अनुदान देती है. इस विधि से खेत को बिना समतल किए ही सिंचाई की जा सकती है. ढलानों या कम ऊंचाई पर ये विधि बहुत प्रभावी हो रही है.
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से हर खेत में जल की पहुंच बढ़ाने के साथ किसानों की जल बचत प्रौद्योगिकियों को अपनाने में मदद की जाती है ताकि उनकी कृषि लागत को कम किया जा सके।#agrigoi #PMKSY #HarKhetKoPani #microirrigation #PDMC pic.twitter.com/efpaxbut9O
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) November 23, 2023
जलाशयों का व्यापक सुधार और जीर्णोद्धार, जिससे टैंक भंडारण क्षमता में वृद्धि हो. पीने के पानी की उपलब्धता में वृद्धि, कृषि और बागवानी उत्पादकता में सुधार, बेहतर जल उपयोग दक्षता के माध्यम से पर्यावरणीय लाभ और प्रत्येक जल निकाय के स्थायी प्रबंधन के लिए सामुदायिक भागीदारी आदि है.
योजना की जानकारी हर किसान तक पहुंचाने के लिए एक आधिकारिक पोर्टल स्थापित किया गया है. यहां योजना से जुड़ी हर जानकारी विस्तार से बताई गई है. पंजीकरण या आवेदन के लिए किसान अपने-अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. अगर आप योजना में आवेदन करने के लिए इच्छुक हैं तो आप अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
किसान के पास खेती के लायक जमीन होनी चाहिए. ऐसे सभी किसानों को इसका लाभ मिलेगा.
इस योजना का लाभ कृषि से संबंधित सभी मान्यता प्राप्त संस्थाओं को भी मिलेगा. जैसे स्वयं सहायता समूह, ट्रस्ट, सहकारी समिति, आदि.इस योजना का लाभ कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग करने वाले भी ले सकते हैं शर्त यह है कि कम से कम 7 वर्ष से खेती कर रहे हों.
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