14 महीने के स्तर को पार कर सकती है महंगाई दर, दालों-सब्जियों की ऊंची कीमतों से फूड इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ा 

14 महीने के स्तर को पार कर सकती है महंगाई दर, दालों-सब्जियों की ऊंची कीमतों से फूड इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ा 

अक्टूबर में मुख्य रूप से सब्जी और खाद्य तेल की कीमतों में उछाल के चलते रायटर्स के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने खुदरा महंगाई दर में उछाल की आशंका जताई है. सर्वे के अनुसार अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 14 महीने के उच्चतम स्तर को पार करने का अनुमान जताया है.

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14 महीने के स्तर को पार कर सकती है महंगाई दर, दालों-सब्जियों की ऊंची कीमतों से फूड इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ा RBI ने मुद्रास्फीति ऊपर जाने का जोखिम जताया है.

रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की लगातार ऊंची कीमतों के चलते अक्टूबर में महंगाई दर के आंकड़े 14 माह के अधिकतम स्तर को पार कर सकते हैं. RBI गवर्नर ने अनुमान जताया है कि अक्टूबर में रिटेल महंगाई दर सितंबर से भी ज्यादा रह सकती है. अक्टूबर में टमाटर, प्याज, आलू, लहसुन समेत अन्य सब्जियों और दालों की ऊंची कीमतों ने खुदरा महंगाई दर में उछाल की आशंका को बल दे दिया है. जबकि, खाद्य महंगाई दर के 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकता है. 

रायटर्स सर्वे में रिटेल महंगाई बढ़ने के संकेत 

अक्टूबर में मुख्य रूप से सब्जी और खाद्य तेल की कीमतों में उछाल के चलते रायटर्स के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने खुदरा महंगाई दर में उछाल की आशंका जताई है. सर्वे के अनुसार अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 14 महीने के उच्चतम स्तर को पार करने का अनुमान जताया है. रायटर्स सर्वे के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के जरिए मापी गई सालाना खुदरा महंगाई अक्टूबर में लगातार दूसरे महीने बढ़कर 5.81 फीसदी हो सकती है, जो अगस्त 2023 के बाद से सबसे अधिक है. वहीं, बीते माह सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.49 फीसदी दर्ज की गई थी, जो उससे पहले अगस्त 2024 में 3.65 फीसदी थी और जुलाई में खुदरा महंगाई दर 3.54 फीसदी दर्ज की गई थी.

सब्जियों और दालों की ऊंची कीमतों से बढ़ा दबाव 

रिटेल महंगाई दर बास्केट में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी खाद्य पदार्थों की रहती है, जिसमें सब्जी, फल, दाल और खाद्यान्न वस्तुएं शामिल होती हैं.  अक्टूबर में सब्जी और दाल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है. प्याज की कीमतें कई जगह 60 से 80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं. वहीं, टमाटर और आलू के दाम में भी 30 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं. जबकि, दालों की महंगाई नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार को सब्सिडी वाली भारत ब्रांड दाल को फिर से बाजार में बीते दिनों उतारना पड़ा है. बीते माह सितंबर में दालों की महंगाई दर 9.8 फीसदी दर्ज की गई थी, जो उससे पहले अगस्त में 11.3 फीसदी, जुलाई में 14.77 फीसदी और उससे पहले जून 2024 में दालों की महंगाई दर 16.07 फीसदी दर्ज की गई थी. जबकि, अक्टूबर में दालों की महंगाई दर और ऊपर जाने की आशंका है. 

10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई 

सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. 

खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत?

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है.  

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