केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहानमध्य प्रदेश के रायसेन में आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव की शुरुआत हुई, जहां देशभर से आए किसानों, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से बड़ा संदेश दिया. अपने संबोधन में उन्होंने साफ कहा - “हां, मैं सब करूंगा”, क्योंकि मेरा मकसद सिर्फ मुद्दे उठाना नहीं बल्कि खेती की सूरत बदलना है. केंद्रीय मंत्री ने महोत्सव के दूसरे दिन को खास बताते हुए कहा कि कल दोपहर 1 बजे एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है. यहां चार जिलों की खेती का विस्तृत रोडमैप सीधे किसानों के सामने रखा जाएगा. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इसमें भाग लें और मिलकर खेती के भविष्य की दिशा तय करें.
कार्यक्रम में आधुनिक कृषि तकनीकों और कम लागत में अधिक उत्पादन के मॉडल पर विशेष जोर दिया जा रहा है. मंत्री ने बताया कि एक एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड फार्मिंग के जरिए लाखों रुपये की बचत संभव है और इसी तरह के मॉडल किसानों के सामने रखे जाएंगे.
तीन दिवसीय इस आयोजन में कुल आठ प्रमुख सत्र आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, फूल और सब्जी उत्पादन, कीट और रोग प्रबंधन जैसे अहम विषय शामिल हैं. किसानों को यह भी बताया जाएगा कि फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और बीमारियों से कैसे बचाव किया जाए.
महोत्सव में नर्सरी प्रबंधन, ग्राफ्टिंग तकनीक और बेहतर पौध तैयार करने के तरीकों पर भी चर्चा होगी. इसके साथ ही सूक्ष्म सिंचाई - “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” और हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे किसान नई खेती पद्धतियों को समझ सकें.
किसानों की एक बड़ी समस्या नकली कीटनाशकों को लेकर रहती है. इस मुद्दे पर भी विशेष सत्र रखा गया है, जिसमें असली और नकली उत्पादों की पहचान और सही उपयोग के तरीके बताए जाएंगे, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके.
इस महोत्सव में पंजाब समेत कई राज्यों से किसान और प्रतिनिधि पहुंचे हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए विभिन्न राज्यों की झलक भी देखने को मिलेगी, जिससे यह आयोजन सिर्फ कृषि के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी मंच बन गया है. उन्नत कृषि महोत्सव का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सीएम डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से किया.
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