बजट में किसानों के लिए बड़ा ऐलान (सांकेतिक तस्वीर)मध्य प्रदेश सरकार ने आज विधानसभा में बजट 2026-27 पेश करते हुए खेती-किसानी को केंद्र में रखते हुए कुछ बड़े ऐलान किए है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण में किसानों की आय, सिंचाई, ऊर्जा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े ऐलान किए. बजट में किसानों के लिए सबसे बड़ा ऐलान सोलर पंप को लेकर किया गया. राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि 3000 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के किसानों को 1 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे. इससे डीजल-बिजली पर निर्भरता घटेगी और खेती की लागत कम होगी.
सरकार ने साफ किया कि किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की सहायता पहले की तरह जारी रहेगी. यह फैसला छोटे और सीमांत किसानों को सीधी राहत देने वाला माना जा रहा है.
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत वर्तमान में 54 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में करीब 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं, जिससे गरीब वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिली है.
सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप में विकसित करना है, जिसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत डेयरी लगाने पर सब्सिडी दी जा रही है. इसके साथ ही पहली बार बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया गया है और कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन व मत्स्य पालन को मूल्य समर्थन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि खेती के साथ-साथ मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं, ग्रामीण कनेक्टिविटी सुधारने के लिए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना को मंजूरी देते हुए 21,630 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे दूरस्थ गांवों तक सड़कें पहुंचेंगी.
लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं पंजीकृत हैं, जो इसे राज्य की सबसे बड़ी महिला कल्याण योजनाओं में शामिल करती हैं. सरकार ने महिलाओं की आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देने के लिए मासिक सहायता राशि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी है. योजना के प्रभावी संचालन और निरंतर लाभ सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 23,882 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है.
बजट भाषण 2026-27 में बच्चों के पोषण को मजबूत करने के लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना की घोषणा की गई है. इसके तहत कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा. वर्ष 2026-27 में लगभग 80 लाख बच्चों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है, जिसके लिए बजट में 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
जनजातीय अंचलों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. इसके अलावा पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ और अर्ध-घुमक्कड़ वर्गों के उत्थान के लिए 1,651 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पक्के मकानों का सपना पूरा होगा.
मध्य प्रदेश के इस बजट में सरकार ने खेती, सिंचाई, ग्रामीण ढांचे और किसान आय बढ़ाने को प्राथमिकता दी है. सोलर पंप, सीधी आर्थिक मदद और ग्रामीण निवेश के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले सालों में प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है.
बजट 2026-27 में मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता देते हुए मजबूत वित्तीय सहारा देने का ऐलान किया है. बजट में कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 88,910 करोड़ रुपये और पशुपालन के लिए 2,364 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
यानी कृषि-पशुपालन का कुल बजट 91,274 करोड़ रुपये तय है. इसके साथ ही गैर-बजटीय संसाधनों को शामिल करते हुए वर्ष 2026-27 में किसानों के लिए उपलब्ध कुल वित्तीय सहायता बढ़कर लगभग 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे खेती, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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