भारत-विस्तार AIकिसान अब एक फोन कॉल से रियलटाइम मौसम का अनुमान, मंडी के दाम, कीटों के अलर्ट, फसल की जानकारी और सरकारी योजनाओं के अपडेट पा सकता है, सब कुछ अपनी भाषा में. यही मकसद है भारत-विस्तार AI का जो भारतीय खेती के लिए सरकार का नया वॉइस-फर्स्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म है.
भारत-विस्तार भारत सरकार का किसानों पर केंद्रित, AI-पावर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे कई सरकारी और वैज्ञानिक सोर्स को जोड़कर खेती की भरोसेमंद जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है.
इसे देश भर के किसानों के लिए एक सिंगल, यूनिफाइड डिजिटल साथी के तौर पर पेश किया गया है.
भारतीय किसान अक्सर मौसम के अपडेट, मंडी के दाम, कीटों के अलर्ट, मिट्टी के डेटा, फसल की सलाह और योजना की जानकारी के लिए अलग-अलग सोर्स पर निर्भर रहते हैं.
भारत-विस्तार AI का मकसद इन सभी चीजों को एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर लाना है ताकि किसान एक ही जगह पर समय पर और वेरिफाइड जानकारी पा सकें. इसका मकसद जानकारी की कमी को कम करना है, जिसका सीधा असर बुवाई के फैसलों, फसल की सुरक्षा और इनकम पर पड़ता है.
भारत-विस्तार के जरिए, किसान मौसम के अनुमान, बाजार की कीमतें, कीट और बीमारियों के अलर्ट, मिट्टी की सेहत की स्थिति, फसल मैनेजमेंट की सलाह और कम से कम दस बड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी पा सकेंगे. यह प्लेटफॉर्म इन सेवाओं को एक साथ लाता है ताकि किसानों को कई डिपार्टमेंट या पोर्टल पर न जाना पड़े.
भारत-विस्तार को वॉयस-फर्स्ट AI सिस्टम के तौर पर डिजाइन किया गया है. इसका मतलब है कि बेसिक फीचर फोन वाले किसान भी बस एक कॉल करके इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. डेडिकेटेड हेल्पलाइन नंबर 155261 को सीधे प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे वॉयस-बेस्ड इनपुट और रिस्पॉन्स मिल सकेंगे.
हेल्पलाइन के अलावा, सिस्टम को एक वेबसाइट, एक मोबाइल साइट चैटबॉट और एक आने वाले एंड्रॉयड एप्लिकेशन के जरिए भी एक्सेस किया जा सकेगा. इसमें एक्सेसिबिलिटी पर जोर दिया गया है, खासकर उन किसानों के लिए जिनके पास स्मार्टफोन नहीं हैं.
भारत विस्तार अपने पहले फेज में हिंदी और इंग्लिश में काम करेगा और उम्मीद है कि यह महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात समेत कई राज्यों के लाखों किसानों तक पहुंचेगा. देश भर में इसे अपनाने में भाषा का विस्तार एक अहम फैक्टर हो सकता है.
भारत-विस्तार भारत की खेती-बाड़ी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने के लिए एक बड़ी कोशिश का संकेत देता है. वॉइस एक्सेस, AI प्रोसेसिंग और मल्टी-सोर्स सरकारी डेटा को मिलाकर, यह प्लेटफॉर्म खेती में किसानों की बड़ी मदद कर सकता है. अगर इसे असरदार तरीके से लागू किया जाए, तो यह जानकारी की कमी को कम कर सकता है और खेती में फैसले लेने की क्षमता को बेहतर बना सकता है.
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