जमीन अधिग्रहण (Photo: pexels)महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में वालुज औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की तैयारी के बीच प्रभावित किसानों ने अपनी जमीन के बदले उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग उठाई है. गंगापुर तहसील के आरापुर, सुल्तानाबाद और गवली शिवारा गांवों के किसानों ने जिला प्रशासन से कहा कि खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, इसलिए ऐसा मुआवजा तय किया जाए जिससे वे आसपास के क्षेत्रों में दोबारा कृषि भूमि खरीद सकें.
मंगलवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने छत्रपति संभाजीनगर के जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी. सी. के साथ बैठक की. इस दौरान किसानों ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से जुड़ी अपनी मांगें और चिंताएं प्रशासन के सामने रखीं. जिला कलेक्टर ने किसानों की बात ध्यान से सुनने के बाद उनकी मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया.
प्रशासन के अनुसार, वालुज औद्योगिक क्षेत्र के आसपास नया औद्योगिक परिसर विकसित करने की योजना है. इसके लिए कुल 762.03 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है. इसमें आरापुर की 171.80 हेक्टेयर, सुल्तानाबाद की 177.62 हेक्टेयर और गवली शिवारा की 412.61 हेक्टेयर जमीन शामिल है. वालुज औद्योगिक क्षेत्र में पहले से बजाज ऑटो, एंड्यूरेंस और वेरॉक जैसी बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट्स चल रही हैं.
किसानों के प्रतिनिधियों ने कहा कि खेतों पर बने मकानों के लिए भूमि से अलग मुआवजा दिया जाए. उन्होंने विस्थापित परिवारों को आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की भी मांग की. किसानों ने यह भी कहा कि प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना से मिलने वाले रोजगार और विकास कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी. सी. ने कहा कि किसानों की सभी मांगों को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अतिरिक्त मांगों पर राज्य सरकार का निर्णय आने के बाद ही मुआवजे से जुड़ी आगे की बातचीत की जाएगी. कलेक्टर ने किसानों को भूमि अधिग्रहण के लिए तय मानक मुआवजा दरों की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि पात्र भूमि स्वामियों को अलग से आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया जाएगा. (पीटीआई)
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