खरीफ फसलों का एमएसपी बढ़ाकेंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कपास, सोयाबीन और तिल समेत कई फसलों के नए MSP तय किए गए. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम देना और खरीफ सीजन की बुवाई को बढ़ावा देना है.
बढ़ोतरी के बाद कॉमन धान का MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि ग्रेड-A धान का MSP 2461 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. ज्वार (हाइब्रिड) का MSP 4023 रुपये और ज्वार (मालदांडी) का MSP 4073 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा. बाजरा का MSP 2900 रुपये और रागी का MSP 5205 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. वहीं मक्का का MSP 2410 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.
वहीं, दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने तूर यानी अरहर का MSP 8450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. इसके अलावा मूंग का MSP 8780 रुपये और उड़द का MSP 8200 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है. सरकार लगातार दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति पर काम कर रही है.
इसके अलावा तिलहन फसलों में मूंगफली का MSP 7517 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. सूरजमुखी बीज का MSP 8343 रुपये और सोयाबीन (येलो) का MSP 5708 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा. तिल का MSP 10346 रुपये और नाइजर सीड का MSP 10052 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. वहीं कपास (मीडियम स्टेपल) का MSP 8267 रुपये और कपास (लॉन्ग स्टेपल) का MSP 8667 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है.
सरकार का दावा है कि MSP में बढ़ोतरी किसानों को लागत से बेहतर लाभ दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है. केंद्र पहले भी कह चुका है कि MSP को उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना रखने की नीति अपनाई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि MSP बढ़ने से खरीफ फसलों के रकबे में इजाफा हो सकता है और किसानों का रुझान दलहन व तिलहन खेती की ओर बढ़ सकता है.
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