
AI प्लेटफॉर्म ‘केदार–पार्वती’ लॉन्चनोएडा स्थित भारत की अग्रणी एग्री-टेक कंपनी लीड्सकनेक्ट ने आज अपने AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर फॉर रिस्क इंटेलिजेंस (ICCRI) और बड़े स्तर के एआई प्लेटफॉर्म ‘केदार–पार्वती’ का उद्घाटन किया. यह कार्यक्रम एक उच्चस्तरीय ब्राज़ीली प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में हुआ. यह लॉन्च भारत और ब्राज़ील के बीच कृषि सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह आयोजन ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की पांच दिवसीय भारत यात्रा के दौरान हुआ, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया.
लीड्सकनेक्ट के नोएडा मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्राजील सरकार के कृषि विकास और पारिवारिक खेती मंत्री पाउलो टेक्सेरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ. उनके साथ ABCZ के अध्यक्ष अरनाल्डो मैनुअल दे सूज़ा माचाडो बोर्जेस, फजेंडा फ्लोरिस्ता से रोबर्टा बर्तिन बारोस और रोजेरियो बारोस, राजनयिक एडुआर्डो ब्रागा और इंटरनेशनल एडवाइजरी से मॉरिशियो पोलिडोरी भी मौजूद थे.
पाउलो टेक्सेरा ने एआई-सक्षम ICCRI का उद्घाटन किया और ‘केदार–पार्वती’ प्लेटफॉर्म के वैश्विक शुभारंभ के साक्षी बने. यह प्लेटफॉर्म खेती और जलवायु से जुड़े जोखिमों को समझने और उनके बेहतर समाधान के लिए तैयार किया गया है. इसमें LLMs और SLMs जैसी आधुनिक एआई तकनीकों का उपयोग किया गया है, ताकि बड़े स्तर पर डेटा विश्लेषण करके खेती और जलवायु जोखिमों का सही आकलन किया जा सके. यह पहल भारत में कृषि के लिए एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की सोच के अनुरूप है और इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के समय के साथ भी जुड़ी हुई है.
इस मौके पर लीड्सकनेक्ट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर और बीएल एग्रो के सीईओ नवनीत रविकार ने कहा कि पाउलो टेक्सेरा को यह दिखाना उनके लिए सम्मान की बात है कि कंपनी किस तरह खेती के अलग-अलग क्षेत्रों में एआई तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारत में एआई का सबसे बड़ा आयोजन, इंडिया AI इम्पैक्ट समिट, चल रहा है, जो इस पहल को और भी खास बनाता है.
आसान भाषा में कहें तो ये कार्यक्रम भारत-ब्राज़ील कृषि सहयोग, एआई तकनीक और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में एक नई दिशा की शुरुआत का प्रतीक है, जिससे भविष्य में किसानों को बेहतर तकनीकी समाधान और जोखिम प्रबंधन में मदद मिलेगी.

लीड्सकनेक्ट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत रविकार ने कहा कि भारत आज वैश्विक एआई मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है. कृषि क्षेत्र में एआई के जरिए किए जा रहे नवाचार और उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल उपयोग यह दिखाता है कि एआई के क्षेत्र में भारत की क्षमता तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि एआई तकनीक का उपयोग अब खेती जैसे सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में हो रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था (GDP) में बड़ा योगदान देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के तहत एआई को खेती में जोड़कर उत्पादकता बढ़ाने, खेती को टिकाऊ बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, और यह पहल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.
बीएल एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष खंडेलवाल ने कहा कि इस लॉन्च से यह साफ होता है कि लीड्सकनेक्ट को एआई तकनीक में गहरी विशेषज्ञता हासिल है और वह इसका सही उपयोग खेती में कर रही है. उन्होंने बताया कि ‘केदार–पार्वती’ प्लेटफॉर्म एक ऐसा आधुनिक एआई सिस्टम है, जो सैटेलाइट डेटा, खेतों से मिलने वाली जानकारी, वित्तीय जोखिम का आकलन और अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी को एक ही सिस्टम में जोड़ता है. यह प्लेटफॉर्म सरकार, बैंकों, वित्तीय संस्थानों और किसानों—सभी के लिए उपयोगी साबित होगा.
ब्राज़ील के कृषि मंत्री पाउलो टेक्सेरा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और ब्राजील मिलकर कृषि तकनीक, डिजिटल बदलाव और जलवायु-अनुकूल खेती के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करेंगे. इस कार्यक्रम में AI-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर फॉर रिस्क इंटेलिजेंस (ICCRI) को भी दिखाया गया, जो खेती, मौसम जोखिम, वित्तीय समावेशन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारियां रियल टाइम में उपलब्ध कराता है. इसमें लाइव सिस्टम के जरिए यह दिखाया गया कि कैसे एआई तकनीक से खेत, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी तुरंत मिल सकती है और उसी आधार पर फैसले लिए जा सकते हैं.
‘केदार–पार्वती’ एक बड़ा एआई प्लेटफॉर्म है, जो खेती में जोखिम को कम करने के लिए बनाया गया है. इसका उद्देश्य खेती और जलवायु से जुड़े खतरों को पहले समझना और उनके समाधान के लिए सही सलाह देना है. इसे वराही-NexTech और लीड्स नेक्सटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया है और जमीनी स्तर पर इसका संचालन लीड्सकनेक्ट कर रही है.
कार्यक्रम के दौरान छोटे किसानों, सहकारी संस्थाओं और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के साथ एक विशेष संवाद सत्र भी हुआ, जिसमें किसानों ने बताया कि एआई आधारित सलाह से उनकी खेती की उत्पादकता बढ़ी है, वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच आसान हुई है और जलवायु जोखिम से निपटने की क्षमता मजबूत हुई है.
इसके साथ ही भविष्य की एक बड़ी योजना 360° भारत–ब्राज़ील एग्रीटेक और एग्री वैल्यू-चेन कॉरिडोर पहल पर भी चर्चा हुई, जिसकी शुरुआत ब्राज़ील की संस्था EMBRAPA और अमेज़ोनिका मुंडी के सहयोग से काजू वैल्यू-चेन से की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य खेती, प्रोसेसिंग, एआई सलाह, वित्तीय सेवाएं, बाजार व्यवस्था और टिकाऊ कृषि को एक साथ जोड़ना है, ताकि भविष्य में इस मॉडल को भारत में भी लागू किया जा सके.
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