Odisha Budget: किसानों के लिए बड़ा ऐलान, धान का एमएसपी 3,100 रुपये, 15 लाख हेक्टेयर में सिंचाई

Odisha Budget: किसानों के लिए बड़ा ऐलान, धान का एमएसपी 3,100 रुपये, 15 लाख हेक्टेयर में सिंचाई

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026-27 का कृषि बजट पेश करते हुए किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए. धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. सिंचाई के लिए 2029 तक 15 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षमता बनाने का लक्ष्य है. ब्लू इकोनॉमी, फिशरी, पशुपालन और स्मार्ट फार्म मार्केट जैसी नई परियोजनाओं को भी बजट में बढ़ावा दिया गया है.

Advertisement
किसानों को बड़ा तोहफा: धान का समर्थन मूल्य बढ़ा, मिलेट मिशन और फिशरी को बढ़ावाओडिशा के बजट में किसानों के लिए बड़े ऐलान

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के किसानों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 2026-27 का कृषि बजट पेश किया. यह बजट न केवल खेती-बाड़ी को मजबूत करने पर केंद्रित है, बल्कि राज्य को 2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सरकारी लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. सरकार ने इस बजट को “अन्नदाता‑केंद्रित आर्थिक रोडमैप” बताया है.

धान किसानों के लिए बड़ी राहत: 3,100 रुपये MSP

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा समृद्ध कृषक योजना से जुड़ी है. सरकार ने धान किसानों के लिए प्रति क्विंटल 3,100 रुपये का लाभकारी मूल्य तय किया है. इसके लिए 6,088 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 5,000 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड बनाया जाएगा और किसानों को भुगतान समय पर देने की गारंटी की गई है. सरकार का कहना है कि यह निर्णय किसानों में सरकारी खरीद प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ाने में मदद करेगा.

सीएम‑किसान योजना से 51 लाख लाभार्थियों को सीधा फायदा

सीएम‑किसान योजना केंद्र की PM‑KISAN योजना के साथ मिलकर काम करेगी. इस योजना के अंतर्गत भूमिहीन परिवारों, जनजातीय समूहों सहित 51 लाख से अधिक किसान लाभार्थी हैं. स्कीम के लिए 2,030 करोड़ रुपये की राशि इस बार रिजर्व की गई है. यह राज्य सरकार का किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है.

मिलेट मिशन और फूड डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस

सरकार ने बताया कि राज्य को एक ही फसल—धान—पर निर्भरता कम करनी होगी. इसी को ध्यान में रखते हुए श्री अन्न अभियान के लिए 400 करोड़ रुपये रखे गए हैं. देशी, जलवायु‑सहिष्णु मिलेट्स और “फॉरगॉटन फूड्स” को बढ़ावा दिया जाएगा. जैविक खेती और पारंपरिक खाद्य फसलों का संवर्धन किया जाएगा.

सिंचाई बढ़ाने का लक्ष्य, 2029 तक 15 लाख हेक्टेयर

जल प्रबंधन को अव्वल प्राथमिकता देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 2029 तक 15 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बनाई जाएगी. 2026-27 में ही 3.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया जाएगा. पार्वती गिरी मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना में बड़े निवेश होंगे. 20,000 डीप बोरवेल बनाने का लक्ष्य है और नहरों के लिए 400 करोड़ रुपये की लाइनिंग परियोजना शुरू होगी, ताकि पानी अंतिम खेत तक पहुंचे.

ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा, फिशरी और पशुपालन में बड़े निवेश

सरकार ने समुद्री और मत्स्य क्षेत्र को राज्य के विकास का नया इंजन बताया है. बजट में फिशरी और पशुपालन के लिए 2,019 करोड़ रुपये, गहरे समुद्र (Deep Sea) के लिए नई आधुनिक बोट, धामरा और पारादीप में आधुनिक फिशरमैन हार्बर, हजारों मछुआरों के लिए रोजगार, मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के लिए 159 करोड़ रुपये, दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई पहल और फूलनाखारा में 24×7 रेफरल वेटरनरी अस्पताल बनाया जाएगा.

मयूरभंज, सोनपुर, बोलांगीर में नए कृषि और वेटरनरी कॉलेज खोले जाएंगे. 100 “स्मार्ट फार्म मार्केट” या डिजिटल मॉडल मंडी बनेगी. सरकार का कहना है कि यह कदम पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर “विकसित ओडिशा” के लक्ष्य को पूरा करेगा.

POST A COMMENT