सरवा गांव में गूंजा किसान तक का किसान कारवांअपनी समृद्ध इतिहास के साथ भगवान नरसिंह व वामन अवतार की जन्मस्थली कहे जाने वाला जिला हरदोई में ‘किसान तक’ का किसान कारवां 30वें पड़ाव के तौर पर ब्लॉक संडीला के सरवा गांव पहुंचा. धान, गेहूं और गन्ना सहित मूंगफली, मक्का, आलू, तिलहन और अलग-अलग तरह की मौसमी सब्जियां और विदेशी फलों की खेती के साथ जिले की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि पर निर्भर है. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्त पहल से राज्य के 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक खेती से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं. इस मौके पर कृषि विभाग, पशुपालन विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, स्वयं सहायता समूहों और प्रगतिशील किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.
धान, गेहूं और गन्ना के साथ हाल के समय में केला, ड्रैगन फ्रूट्स और जैविक खेती की ओर कदम बढ़ा रहा हरदोई जिला जब ‘किसान तक’ के किसान कारवां का साक्षी बना तो गांव के किसानों के चेहरों पर अलग ही उत्साह देखने को मिला. कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, जिनका समाधान विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न चरणों में किया. साथ ही इफको और चंबल फर्टिलाइजर ने कृषि में उपयोग हो रहे उर्वरकों के सही इस्तेमाल और उसके लाभ के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में अतिथियों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया तथा लकी ड्रा के माध्यम से 12 किसानों को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए.
पहले चरण में कृषि विभाग के एसएमएस रूप कुमार ने बताया कि कृषि यंत्र लेने के लिए विभाग द्वारा टोकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो 4 मार्च तक चलेगी. सरकार की ओर से अधिकांश यंत्रों पर 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है. किसान कृषि विभाग से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं. साथ ही उन्होंने फार्मर आईडी के महत्व के बारे में किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि यह क्यों आवश्यक है.
दूसरे चरण में जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि राज्य में मुंहपका-खुरपका (एफएमडी) का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि किसान खेती के साथ गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन अपनाते हैं, तो वे अपनी आय बढ़ाकर दोगुनी कर सकते हैं.
तीसरे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई की डॉ. अंजली साहू ने किसानों को फसल विविधीकरण के तहत दलहन और तिलहन की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि किसानों को अपने फसल चक्र में दलहनी फसल अवश्य शामिल करनी चाहिए. साथ ही पोषण वाटिका की अवधारणा पर जोर देते हुए बताया कि यदि किसान रसायन-मुक्त सब्जियां खाना चाहते हैं, तो अपने घर के आसपास पोषण वाटिका लगाकर ताजी और सुरक्षित सब्जियां प्राप्त कर सकते हैं.
चौथे चरण में चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधि आशुतोष वर्मा ने ‘उत्तम प्रणाम’ और ‘उत्तम सुपरराइजा’ उत्पादों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये दोनों जैव-उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं और इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वराशक्ति बनी रहती है. ये उत्पाद रसायन-मुक्त हैं और खेत की सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते.
पांचवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार नौटियाल ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है. उन्होंने संतुलित आहार पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिदिन लगभग 250 ग्राम सब्जियां और 150 ग्राम फल का सेवन करना चाहिए. फल प्रायः खाली पेट खाने चाहिए, जबकि पपीता भोजन के बाद लेना उचित है. उन्होंने बाजार में तेल, दूध और मसालों में मिलावट की समस्या का उल्लेख करते हुए किसानों को अपने खेतों में उगाई गई उपज का अधिक उपयोग करने की सलाह दी. साथ ही फूलों की खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया.
छठे चरण में इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक आकाश चौबे ने बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से फसलों को लगभग 80–90 प्रतिशत तक पोषक तत्वों की उपलब्धता का लाभ मिलता है, जबकि परंपरागत दानेदार उर्वरकों से लाभ अपेक्षाकृत कम मिलता है. उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि किसान नैनो उर्वरकों का उपयोग कर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करें.
सातवें चरण में मैजिशियन सलमान ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने किसानों को गोबर खाद और पशुपालन अपनाने का सुझाव दिया.
अंत में आठवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये, दूसरा पुरस्कार 2000 रुपये चौधराइन को और प्रथम पुरस्कार 3000 रुपये किसान सोमेश्वर को दिए गए. ‘किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है.
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