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Chilli Price: लाल मिर्च के दाम में आ सकती है गिरावट, चीन और बांग्लादेश हैं वजह

Chilli Price: लाल मिर्च के दाम में आ सकती है गिरावट, चीन और बांग्लादेश हैं वजह

बांग्लादेश का मामला गंभीर है. बांग्लादेश भारत से लगातार मिर्च की खरीद करता रहा है. अचानक उसके रुख में बदलाव हुआ है और वह म्यांमार से मिर्च की खरीद कर रहा है. म्यांमार में इस बार मिर्च की उपज भी अच्छी हुई है. क्वालिटी भी अच्छी है. सबसे बड़ी बात ये कि म्यांमार, भारत से कम रेट पर बांग्लादेश को मिर्च की सप्लाई कर रहा है.

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प्रतिकात्‍मक तस्‍वीर प्रतिकात्‍मक तस्‍वीर

देश में लाल मिर्च के दाम में गिरावट आने के आसार हैं. इसकी एक बड़ी वजह चीन को बताया जा रहा है. चीन ही वह देश है जो दुनिया में सबसे अधिक मिर्च खरीदता है. भारत से भी इसकी खरीदारी बड़े पैमाने पर होती है. लेकिन अभी चीन की तरफ से मांग में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. चीन भारत से तेजा किस्म की लाल मिर्च खरीदता है जिसकी मांग अभी निचले स्तर पर है. इस मांग के गिरने से भारत की मिर्च का दाम भी गिरावट की ओर है. अगले कुछ दिनों में दाम का अंतर साफ तौर पर देखा जा सकेगा. दूसरी बड़ी वजह बांग्लादेश है जो भारत से लाल मिर्च खरीदता है. लेकिन उसकी डीलिंग अभी म्यांमार के साथ चल रही है. इसलिए भारतीय मिर्च की मांग बांग्लादेश से भी कम आ रही है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि अभी निर्यात की संभावनाएं बहुत कम दिख रही हैं और जुलाई तक इसमें रिकवरी की उम्मीद नहीं दिखती है. एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि चीन के पास मिर्च का बहुत बड़ा भंडार है. इसलिए भारत से वह खेप मंगाने की स्थिति में नहीं है. चीन ने इसकी तैयारी पहले से ही कर भी ली थी. इस सीजन की शुरुआत में चीन से मिर्च की बहुत अच्छी-खासी मांग आई थी. उस दौरान चीन ने भारत से 20-25 परसेंट अधिक मिर्च की खरीद कर ली. ऐसे में उसे भारत की मिर्च की अभी जरूरत नहीं है. भारत भी चीन को लेकर आश्वस्त है कि उधर से अभी कोई डिमांड नहीं आएगी.

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क्या है पूरा मामला

मगर बांग्लादेश का मामला गंभीर है. बांग्लादेश भारत से लगातार मिर्च की खरीद करता रहा है. अचानक उसके रुख में बदलाव हुआ है और वह म्यांमार से मिर्च की खरीद कर रहा है. म्यांमार में इस बार मिर्च की उपज भी अच्छी हुई है. क्वालिटी भी अच्छी है. सबसे बड़ी बात ये कि म्यांमार, भारत से कम रेट पर बांग्लादेश को मिर्च की सप्लाई कर रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश भारतीय मिर्च की खरीदारी के मामले में तीसरे स्थान पर है. पहले स्थान पर चीन और दूसरे पर थाइलैंड है. लेकिन इन सभी देशों से अभी भारत की मिर्च की डिमांड नहीं है. ऐसे में देसी मार्केट में इसके दाम में गिरावट की संभावना तेज है क्योंकि एक्सपोर्ट नहीं होने से दाम में किसी तरह की तेजी नहीं दिखेगी.

दाम में संभावित गिरावट की एक और बड़ी वजह है. देश की बड़ी-बड़ी मसाला कंपनियों ने पहले ही लाल मिर्च की खरीद कर ली है. यहां तक कि अगले 9 महीने की जरूरतों के मुताबिक कंपनियों ने मिर्च की खरीद कर ली है. इसलिए अभी उनके बाजार में आने की संभावना बेहद कम है. इसका असर भी देसी मार्केट में मिर्च के दाम पर दिखेगा. 'बिजनेसलाइन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी वारंगल मंडी में लगभग 80,000 बैग और गुंटूर मंडी में 1 लाख बैग मिर्च की आवक हो रही है. इसका मार्केटिंग सीजन 1 अप्रैल तक चलेगा. कर्नाटक के कोल्ड स्टोरेज मिर्च से फुल हैं और आंध्र और तेलंगाना के गोदामों में थोड़ी ही जगह बची है. ऐसे में मिर्च अब किसानों के पास स्टॉक रहने की संभावना अधिक है. 

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