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कावेरी जल विवाद गहराया: तमिलनाडु को पानी देने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, मंड्या में 'लॉलीपॉप प्रदर्शन'

कावेरी जल विवाद गहराया: तमिलनाडु को पानी देने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, मंड्या में 'लॉलीपॉप प्रदर्शन'

CWRC द्वारा तमिलनाडु को कावेरी पानी छोड़ने के आदेश के बाद कर्नाटक में विरोध तेज हो गया है. श्रीरंगपटनम में किसानों ने बेंगलुरु-मैसूर हाईवे जाम किया, वहीं मंड्या में अनोखा लॉलीपॉप प्रदर्शन हुआ. जानिए क्या है पूरा मामला.

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कावेरी जल विवाद गहराया, तमिलनाडु को पानी देने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानकावेरी जल विवाद

कावेरी जल प्रबंधन समिति (CWRC) द्वारा तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है. कर्नाटक राज्य रायता संघ (KRRS) के सदस्यों ने श्रीरंगपटनम में बेंगलुरु-मैसूर हाईवे (Bengaluru–Mysuru Highway) को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया. प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि किसी भी स्थिति में तमिलनाडु को पानी न दिया जाए.

मंड्या में किसानों और कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. हाथों में लॉलीपॉप (Lollipop) लेकर कांग्रेस सरकार और CWRC के खिलाफ नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य सरकार ने कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करने के बजाय उन्हें केवल 'लॉलीपॉप' थमा दिया है और वह तमिलनाडु के पक्ष में काम कर रही है.

'तमिलनाडु का पानी समुद्र में बह रहा है'

मंड्या से विधायक पी. रविकुमार गौड़ा गणिगा ने CWRC के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा, हाल ही में तमिलनाडु के चिदंबरम दौरे के दौरान उन्होंने देखा कि भारी मात्रा में नदी का पानी सीधे समुद्र में बह रहा है. जब तमिलनाडु का पानी पहले ही व्यर्थ समुद्र में गिर रहा है, तो कर्नाटक को अतिरिक्त पानी देने का निर्देश देना बिल्कुल सही नहीं है.

कर्नाटक खुद जल संकट से जूझ रहा है और यहां के किसानों को सिंचाई और पीने के पानी की सख्त जरूरत है.

विधायक ने कहा कि तमिलनाडु अनावश्यक रूप से मेकेदाटू परियोजना का विरोध कर रहा है. कर्नाटक अपने हिस्से का पानी बचाने के लिए इस बांध का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने तमिलनाडु सरकार को सलाह दी कि वह मेट्टूर जलाशय (Mettur Reservoir) के नीचे एक और बांध बनाए, ताकि समुद्र में व्यर्थ बहने वाले मीठे पानी को भविष्य के लिए बचाया जा सके.

विधायक ने केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से अपील की है कि कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर केवल कागजी आंकड़ों के बजाय जमीनी हकीकत और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही कोई संतुलित निर्णय लिया जाए.

अदालत जाएगी कर्नाटक सरकार

कर्नाटक के मंत्री मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के CWRC के निर्देश के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि यह अपील कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के सामने दायर की जाएगी, क्योंकि कर्नाटक पड़ोसी राज्य को पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है.

कावेरी जल प्रबंधन समिति ने मंगलवार को कर्नाटक को निर्देश दिया कि वह 29 जुलाई से 15 दिनों तक बिलिगुंड्लु में 3,500 क्यूसेक पानी का बहाव सुनिश्चित करे, जो कुल मिलाकर 4 TMC पानी छोड़ने के बराबर है.

राज्य के जल संसाधन मंत्री रेड्डी ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, "हमारे लिए CWRC के आदेश का पालन करना मुश्किल होगा, इसलिए हमने अपील करने का फैसला किया है. कर्नाटक सरकार के सलाहकार श्रीरामैया ने हमें एक ड्राफ्ट भेजा है, जिसे दिल्ली भेज दिया गया है. वरिष्ठ वकील मोहन कटारकी इसकी जांच करेंगे और इसे वापस भेजेंगे. जैसे ही हमें यह मिलेगा, आज ही अपील दायर कर दी जाएगी. हमारे अतिरिक्त मुख्य सचिव अपील दायर करेंगे."

उन्होंने फिर से कहा कि कर्नाटक तमिलनाडु को पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है.

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