ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुआ मखानानई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS Summit में इस बार विदेशी मेहमानों को भारत की सांस्कृतिक और खान-पान का अनूठा अनुभव कराने की तैयारी की गई है. इसी कड़ी में बिहार के दो प्रमुख पारंपरिक उत्पाद, सत्तू और मखाना, सम्मेलन की वेलकम किट में शामिल किए गए हैं. इससे बिहार की पारंपरिक खाद्य विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने जा रही है.
इस उपलब्धि पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुशी जताई है. उन्होंने इसे राज्य के लिए गर्व का अवसर बताते हुए कहा कि बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने पहुंच रहा है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नए बिहार की नई पहचान, बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने."
मुख्यमंत्री ने कहा कि वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना केवल खाद्य उत्पाद नहीं हैं, बल्कि वे बिहार की संस्कृति, परंपरा, कृषि और स्थानीय उद्यमिता की पहचान हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प को और मजबूती मिली है.
बिहार का गौरव वैश्विक मंच पर!
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 11, 2026
दिल्ली BRICS Summit में Welcome Kit में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का आभार, जिन्होंने ‘Local to Global’ संकल्प को साकार किया।
नए बिहार की नई पहचान—बिहार का स्वाद अब…
BRICS सम्मेलन में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों के लिए विशेष भारतीय व्यंजनों का मेन्यू तैयार किया गया है. इस मेन्यू में देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को शामिल किया गया है ताकि मेहमान भारत की समृद्ध खाद्य संस्कृति से परिचित हो सकें.
जानकारी के अनुसार, सम्मेलन में रागी डोसा, बाजरा उपमा, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी, लखनवी कबाब, अवधी कबाब और किनुआ बिरयानी जैसे व्यंजन परोसे जाएंगे. इसके जरिए विदेशी मेहमानों को भारत के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद और खानपान की विविधता का अनुभव एक ही मंच पर मिलेगा.
वेलकम किट में सत्तू और मखाना को जगह मिलना बिहार के किसानों और खाद्य उत्पादकों के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. सत्तू लंबे समय से बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. वहीं मखाना ने पिछले कुछ वर्षों में सुपरफूड के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है.
विशेष रूप से मिथिलांचल क्षेत्र का मखाना बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है. इसकी बढ़ती मांग ने हजारों किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक मजबूती दिलाई है. अब BRICS जैसे वैश्विक मंच के माध्यम से मखाना और सत्तू की पहचान दुनिया भर के प्रतिनिधियों तक पहुंचेगी, जिससे इनके निर्यात और बाजार विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS Summit जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बिहार के उत्पादों को स्थान मिलना राज्य की ब्रांडिंग के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है. इससे न केवल बिहार की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कृषि आधारित उत्पादों के लिए नए वैश्विक अवसर भी खुल सकते हैं.
कुल मिलाकर, BRICS Summit में सत्तू और मखाना की मौजूदगी बिहार के स्वाद, परंपरा और किसान शक्ति को दुनिया के सामने पेश करने का एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today