NABARD-NCDEX की सफल योजनाहाल ही में NABARD और NCDEX (National Commodities and Derivatives Exchange) ने एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है मूल्य सुरक्षा योजना. यह योजना खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो हल्दी, जीरा और धनिया जैसी फसलों की खेती करते हैं. इस योजना का मकसद है कि किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिले और वे बाजार में भाव गिरने से बच सकें.
इस योजना के तहत FPOs (Farmer Producer Organisations), यानी किसान उत्पादक संगठन, ऑप्शन्स ट्रेडिंग में हिस्सा लेते हैं. यह ट्रेडिंग एक तरह का बीमा है. अगर बाजार में कीमतें गिर जाएँ तो किसानों को नुकसान नहीं होता. NABARD किसानों की मदद करता है और उनके लिए पुट ऑप्शन प्रीमियम का हिस्सा सब्सिडी के रूप में देता है. इसका मतलब है कि किसान कम पैसे खर्च करके अपने उत्पाद को सुरक्षित कर सकते हैं.
इस योजना को आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और कर्नाटक में शुरू किया गया है.
Rashtronnati FPO ने 30 टन हल्दी को सुरक्षित किया. इसके अलावा उन्होंने 150 टन हल्दी सीधे बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया. इस FPO में 900 सदस्य हैं, जिनमें से 180 महिलाएँ हैं. ये सदस्य लगभग 500 एकड़ जमीन पर हल्दी उगाते हैं.
इस योजना से किसानों को एक न्यूनतम मूल्य की गारंटी मिलती है. इसका मतलब है कि वे जानते हैं कि अगर कीमतें गिर भी गई तो उन्हें नुकसान नहीं होगा. इससे वे बेचने और मार्केटिंग के फैसले आराम से ले सकते हैं.
इस योजना से किसान अब सिर्फ बाजार की कीमतों पर निर्भर नहीं हैं. वे अब अपने उत्पाद का सही मूल्य पा सकते हैं. इसके अलावा, इससे FPOs का विश्वास बढ़ा है और वे भविष्य में और अधिक सुरक्षित तरीके से व्यापार कर सकते हैं. हालांकि अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं, जैसे जागरूकता की कमी और लागत का सवाल, लेकिन 28 FPOs ने खुद फ्यूचर्स के लिए मार्जिन जमा किया, जो इस योजना में उनके बढ़ते विश्वास को दिखाता है.
इस तरह NABARD-NCDEX की मूल्य सुरक्षा योजना किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है और उन्हें बाजार में मजबूत और सुरक्षित बनाती है.
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