यूपी के फतेहपुर में किसान ने 12 हेक्टेयर में की ज्वार की खेतीमिलेट्स को लेकर पिछले काफी समय से देशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. भारत सरकार के प्रयासों से दुनियाभर में इस साल 2023 को International Year of Millets के रूप में मनाया जा रहा है. दरअसल मिलेट्स सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि किसानों की कमाई बढ़ाने का भी जरिया बन रहा है. इस बात को साबित किया है यूपी के फतेहपुर जिले के एक किसान ने. इस किसान ने 12 हेक्टेयर में ज्वार की खेती की है. इसका निरीक्षण करने पहुंचे कृषि अधिकारी इस खेती को देख काफी प्रभावित हुए और विभाग की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया.
फतेहपुर जिले के जरौली गांव निवासी किसान दिनेश सिंह ने मोटे अनाज की खेती कर मिलेट्स की खेती भूल रहे किसानों को प्रेरित किया है. किसान दिनेश ने अपने 12 हेक्टेयर खेत में ज्वार की खेती की है. आपको बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार मिलेट्स की खेती करने के लिए लगातार किसानों को जागरूक कर रही हैं, क्योंकि पोषक तत्वों के लिहाज से ज्वार एक जोरदार अनाज है. इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होता है. विटामिन बी, कैल्शियम, आयरन, जिंक, कॉपर और फास्फोरस की मौजूदगी इसे और खास बनाती है. इसी वजह से इसे भी बाजरा की तरह सुपरफूड कहा जाता है.
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किसान दिनेश सिंह के बताया कि पहले मोटे अनाज की खेती होती थी. लेकिन वर्तमान में मोटे अनाज की खेती को किसान भूल रहे हैं. उन्होंने बताया कि लगातार कृषि गोष्ठियों और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से वे मोटे अनाज की खेती करने के लिए प्रेरित हुए. उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए मोटे अनाजों की ओर दोबारा लौटना होगा, तभी हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त कर सकेंगी.
किसान के इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश सिंह ने बताया कि फतेहपुर के किसान अब मोटे अनाज की खेती कर रहे हैं. सरकार ने मोटे अनाजों की MSP भी तय कर दी है. साथ ही फतेहपुर में मोटे अनाजों के लिए 05 खरीद केंद्र भी खोले गए हैं. इन सब माध्यमों से किसानों को सुविधायुक्त किया जा रहा है, ताकि किसानों में मोटे अनाजों की मांग बढ़े. साथ ही किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो सके.
(नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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