खाद के लिए बारिश में भीगते किसान और महिलाएंउत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बारिश के बीच खाद लेने के लिए महिलाओं और किसानों की लंबी कतार लगने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में महिलाएं तेज बारिश के बावजूद लाइन में डटी नजर आ रही हैं, ताकि समय पर यूरिया मिल सके और धान, मक्का और गन्ने की फसलों में टॉप ड्रेसिंग का काम प्रभावित न हो. बताया जा रहा है कि यह वीडियो रेतवागाड़ा साधन सहकारी समिति का है. दरअसल, जिले में लगातार बारिश होने के बाद खरीफ फसलों के लिए यूरिया की मांग अचानक बढ़ गई है. इसी वजह से सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ जुट रही है. कई जगहों पर महिलाओं ने भी खाद लेने की जिम्मेदारी संभाली, जिसके चलते लंबी कतारें देखने को मिलीं.
जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. वर्तमान में 17 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया और 6 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा डीएपी उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि सभी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है और किसी भी बिक्री केंद्र से किसान उर्वरक खरीद सकते हैं.
कृषि विभाग के अनुसार, रेतवागाड़ा सहकारी समिति में खाद वितरण के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद वितरण नहीं रोका गया. अधिकारियों का कहना है कि लाइन में मौजूद सभी किसानों को शाम तक यूरिया उपलब्ध कराया गया. समिति में अब तक करीब 4 हजार बोरी यूरिया बांटी जा चुकी है, जबकि हाल ही में पहुंची 2 हजार बोरियों में से एक दिन में ही लगभग 1 हजार बोरी किसानों को दी गई.
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ गड़बड़ियों पर भी सख्ती बरती जा रही है. अब तक पांच खाद विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं, जबकि छह अन्य विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. विभाग का कहना है कि जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
कृषि विज्ञान केंद्र गोंडा के अनुसार, जिले में कुल कृषि योग्य भूमि लगभग 2.77 लाख हेक्टेयर है. यहां खरीफ सीजन में मुख्य रूप से धान और मक्का, जबकि रबी सीजन में गेहूं, दलहन (दालें) और सरसों की बड़े पैमाने पर खेती होती है. जिला गन्ना जैसी नकद फसल उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है. (आंचल श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today