देश के लगभग सभी राज्यों में खाद की किल्लत की खबरें आ रही हैं. खाद के लिए किसान बिक्री केंद्रों पर घंटों लाइन में खड़े रह रहे हैं फिर भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पिछले साल खाद की किल्लत से परेशान किसानों की समस्याओं पर प्राथमिकता दिखाते वहां के विधायक ने पीसीएफ जिला कार्यालय में औचक निरीक्षण किया और खाद वितरण से जुड़ी व्यवस्था पर समीक्षा किया.
राज्य के हर जिले में खाद की समस्या से जूझते किसानों को देखते हुए चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने पीसीएफ जिला कार्यालय में औचक छापा डाल कर बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने पीसीएफ अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की और मौके पर रेकॉर्ड भी खंगाले. विधायक ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. पिछले वर्ष जिस तरह किसानों को खाद लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ा था, वह स्थिति इस बार नहीं दोहराई जाए.
निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी केंद्र पर खाद की कमी है तो समय रहते बताया जाए, ताकि आवश्यक मात्रा में खाद सरकार उपलब्ध करा सके. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रों पर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था या हंगामा न हो. विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि यह चुनावी वर्ष है और ऐसे समय में विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी के लोग अफवाह फैलाने का काम करते हैं कि किसानों को खाद नहीं मिलेगी, जबकि हकीकत यह है कि सरकार समय पर खाद केंद्रों तक पहुंचा रही है.
उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को गुमराह करने और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. विधायक ने बिचौलियों और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग मजदूरों के जरिए केंद्रों से खाद की बोरियां उठाकर बाद में ब्लैक में बेचते हैं. ऐसे लोग किसानों के दुश्मन हैं और इनकी जांच की जानी चाहिए.
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए घोटालों से जोड़ते हुए कहा कि किसानों के साथ ठगी करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे. अंत में विधायक ने कहा कि वे खुद हर केंद्र पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और देखेंगे कि जो रिकॉर्ड में खाद दिखाई जा रही है, वह वास्तव में केंद्र तक पहुंच भी रही है या नहीं. यह कदम किसानों के हित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है.
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