
लौकी की खेतीगर्मी का मौसम आते ही सब्जी की खेती करने वाले किसान लौकी की खेती की तैयारी में जूट गए हैं. दरअसल, बाजार में लौकी की पूरे साल मांग हमेशा बनी रहती है, जिसकी वजह से देश में लौकी की खेती बड़े पैमाने पर होती है. लौकी की खेती से किसानों को भी काफी फायदा होता है. इसकी खेती जायद, खरीफ और रबी तीनों सीजन में की जाती है. हालांकि, खेती करने से पहले किसानों के लिए सबसे अहम सवाल यह होता है कि लौकी की किस किस्म की खेती करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा उपज मिल सके और नुकसान भी न हो. ऐसे में अगर आप भी लौकी की कोई ऐसी ही किस्म की तलाश में हैं तो आप PH-3 वैरायटी की खेती कर सकते हैं. आइए बताते हैं कहां सस्ते में मिलेगा इसका बीज और क्या है इसकी खासियत.
देश के किसान अब नकदी फसलों की खेती अधिक मात्रा में करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन लौकी का PH-3 किस्म का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर या फ्लिपकार्ट से लौकी की बीज खरीद सकते हैं. ऐसे में किसानों या गार्डनिंग करने वाले लोगों को आसानी से लौकी की बीज मिल जाएगी.

पीएच-3 लौकी की एक खास किस्म है. इसकी खासियत ये है कि यह सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद विटामिन सी, बी, के, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी फायदे पहुंचाते हैं. लौकी पीएच-3 की प्रति हेक्टेयर फसल से औसतन 30 से 35 टन पैदावार होती है. इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर करीब 3 से 4 किलो बीज की जरूरत होती है. बता दें कि यह बुवाई के करीब 55 से 75 दिनों में लौकी की ये किस्म कटाई के लिए तैयार हो जाती है.
अगर आप भी लौकी की खेती करना चाहते हैं तो पीएच-3 किस्म के 50 ग्राम के पैकेट का बीज फिलहाल 14 फीसदी छूट के साथ 301 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम और फ्लिपकार्ट की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से लौकी की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. बता दें कि इस किस्म को घर की छत पर या अपने गार्डन में भी आसानी से उगा सकते हैं.
लौकी की खेती साल में तीन बार (फरवरी-मार्च, जून-जुलाई, नवंबर-दिसंबर) में की जा सकती है. वहीं, लौकी की खेती के लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है. लौकी की खेती मचान विधि या गड्ढा विधि अपनाकर 10x10 फीट की दूरी पर बुवाई करने से बेहतर उत्पादन मिलते हैं. उन्नत किस्मों का चयन कर खाद और सही सिंचाई के साथ 60-70 दिनों में फसल से बंपर मुनाफा लिया जा सकता है. ऐसे खेती करने से किसानों को अधिक लाभ होता है.
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