
पपीते की खेतीबारिश का मौसम पपीते की नई पौध लगाने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होने से पौधे जल्दी जड़ पकड़ लेते हैं और उनकी बढ़वार भी बेहतर होती है. हालांकि, अच्छी पैदावार और ज्यादा मुनाफे के लिए सही किस्म का चुनाव करना सबसे जरूरी होता है. अगर आप भी इस मॉनसून में पपीते की खेती शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आज हम आपको पपीते की ऐसी उन्नत किस्म के बारे में बताएंगे, जो एक पेड़ से 80 से 100 किलो तक फल देने की क्षमता रखती है. साथ ही जानेंगे कि इस किस्म के बीज कहां से खरीदें और इसकी प्रमुख खासियतें क्या हैं.
पपीते की रेड ग्लो किस्म एक उन्नत और अधिक उत्पादन देने वाली वैरायटी है, जिसे कम देखभाल में भी अच्छी पैदावार के लिए जाना जाता है. इस किस्म का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके एक पौधे से 80 से 100 किलो तक फल मिल सकते हैं. इसके फलों का गूदा गहरे लाल रंग का होता है, जो स्वाद और क्वालिटी दोनों के लिहाज से बेहतर माना जाता है. इस किस्म के एक फल का औसत वजन 1 से 1.5 किलोग्राम तक होता है. वहीं, ये किस्म रोपाई के लगभग 7 महीने बाद ही फल देना शुरू कर देती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छी आमदनी मिल सकती है.

अगर आप पपीते की खेती करना चाहते हैं तो इसका रेड ग्लो किस्म के बीज राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) के माध्यम से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है. किसान इसे ओएनडीसी (ONDC) के ऑनलाइन स्टोर से आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं. यहां पपीते के अलावा अन्य फसलों के बीज भी उपलब्ध हैं. वहीं, बात करें इसकी कीमत कि तो इसके 50 पौधे फिलहाल 25 प्रतिशत छूट के बाद करीब 300 रुपये में मिल रहा है. आप इस बीज को ऑनलाइन ऑर्डर करने सीधे अपने घर तक मंगवा सकते हैं.
पपीते की खेती के लिए बारिश का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय मिट्टी में पर्याप्त नमी होती है और पौधे जल्दी जड़ पकड़ लेते हैं. इसकी खेती गर्म जलवायु और अच्छी जल निकासी वाली हल्की दोमट मिट्टी में सबसे अच्छी होती है. पौधरोपण से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद या जैविक खाद मिला दें. इसके बाद तैयार पौधों की बीज की बुवाई करें. पौधों के बीच उचित दूरी रखें, ताकि उनकी बढ़वार अच्छी हो सके. वहीं, पपीते के पौधों को भरपूर धूप और जरूरत के अनुसार नमी मिलती रहे, तो पौधे तेजी से विकसित होते हैं और बेहतर क्वालिटी के साथ अधिक उत्पादन देते है.
अगर आप घर या बगीचे में पपीता उगाना चाहते हैं, तो पहले मिट्टी में कोकोपीट, वर्मीकम्पोस्ट और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर तैयार करें. इसके बाद एक गड्ढा खोदकर उसमें यह मिश्रण भरें और पौधा या बीज लगा दें. ध्यान रखें कि मिट्टी भुरभुरी और जल निकासी वाली हो, ताकि पानी जमा न हो. पौधे की बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करें. अनुकूल परिस्थितियों में करीब 10 दिनों के भीतर पौधे अंकुरित होने लगते हैं और धीरे-धीरे तेजी से बढ़ने लगते हैं.
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