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आम का मंजर झड़ने से पहले करें ये काम, फलों से लद जाएगा पेड़

आम का मंजर झड़ने से पहले करें ये काम, फलों से लद जाएगा पेड़

आम बगान में आए मंजर को बचाने के लिए किसान मंजर की धुलाई करें. इससे मध्य किट से फसल को बचाया जा सकता है. इसके लिए किसान इमिडाक्लोरोपिड दवा का छिड़काव भी कर सकते हैं. किसान इस दवा को 1 एम एल प्रति लीटर पानी में घोलकर गटूर स्प्रे मशीन से छिड़काव कर सकते हैं.

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आम के मंजर को झड़ने से बचाने का तरीका आम के मंजर को झड़ने से बचाने का तरीका

आम में मंजर को देख ना सिर्फ किसानों का बल्कि आम लोगों का भी चेहरा खुशी से खिल उठा है. कई लोग आम के मंजर को देखर ही अपने मन को समझा रहे हैं. लेकिन इस खुशी को बरकरार रखने के लिए किसानों को कुछ खास कदम उठाने की जरूरत है. अगर किसान आम से बेहतर उत्पादन चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले मंजर को झड़ने से रोकना होगा. आपको बता दें तेज हवा, आंधी, धूप और कीटनाशकों की वजह या तो आम के मंजर गिर जाते हैं या फिर कीट उन्हें बर्बाद कर देते हैं. जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है. वहीं पैदावार में भारी गिरावट देखने को मिलती है. ऐसे में जरूरी है कि किसान मंजर झड़ने से पहले इन कामों को जरूर कर लें. 

मंजर को बचाने के लिए करें धुलाई

आम बगान में आए मंजर को बचाने के लिए किसान मंजर की धुलाई करें. इससे मध्य किट से फसल को बचाया जा सकता है. इसके लिए किसान इमिडाक्लोरोपिड दवा का छिड़काव भी कर सकते हैं. किसान इस दवा को 1 एम एल प्रति लीटर पानी में घोलकर गटूर स्प्रे मशीन से छिड़काव कर सकते हैं. इसके अलावा किसान बाजार से लेंसर गोल्ड पाउडर को 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर मंजर की धुलाई कर सकते हैं, इससे मधुआ कीट का प्रकोप खत्म हो जाता है. 

ये भी पढ़ें: गर्मियों में आम में कितने दिनों पर करें सिंचाई? किन बातों का रखें ध्यान?

मंजर आने के बाद ना करें पटवन

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक मंजर आने पर फसल में पटवन बिलकुल ना करें. जबतक 20 से 25 ग्राम का फल तैयार न हो जाए. किसान अगर मंजर आने पर पटवन करते हैं तो उनकी फसल पर बुरा प्रभाव पड़ता है और अच्छी फसल तैयार नहीं होती है. किसान आम की फसल में 20 से 25 ग्राम के फल आने पर ही पटवन करें. ताकि फसल अच्छी तैयार हो.

मंजर गिरने से रोकने के लिए करें ये उपाय

उन्होंने बताया कि जब मंजर में मसूर के आकार की फसल तैयार हो जाये तो एक बार फिर से इमिडाक्लोरोपिड का छिड़काव करें. इसके साथ ही फल को गिरने से बचाने के लिए प्लानो फिक्स दवा का प्रयोग करें, लेकिन किसानों को ध्यान देने की जरूरत है कि इसके लिए 1 मिलीलीटर प्लानो फिक्स को 3 से 4 लीटर पानी में मिलाकर खेत में छिड़काव करें. इसे पानी में मिलाने के लिए डिस्पोज़ेबल सिरिंज का प्रयोग करें, ताकि उचित मात्रा में ही दवा मिलाई जा सके. नहीं तो आम की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। किसानों को इन प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि फसल अच्छे से तैयार हो सके.

आम की फसल में कब-कब करें सिंचाई

पहला छिड़काव - आम में पहला छिड़काव किसी भी अनुशंसित कीटनाशक का मंजर आने से पहले किया जा सकता है, ताकि कीटनाशक पेड़ की छाल की दरारों में छिपे मधुआ कीट तक पहुंच जाए.

दूसरा छिड़काव - जब मंजरों में मटर के आकार के दाने दिखाई देने लगें तो कीटनाशक के साथ फफूंदनाशक दवा मिलाने की सलाह दी जाती है, जिससे मंजर का गिरना रुक जाता है.

तीसरा छिड़काव - तीसरा छिड़काव तब करना चाहिए जब आम के मंजर मटर के दाने के बराबर हो जाएं. तीसरे छिड़काव में फफूंदनाशी को कीटनाशक के साथ मिलाना चाहिए.