हापुड़ में नकली पोटाश और खाद बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, 90 कट्टे बरामद

हापुड़ में नकली पोटाश और खाद बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, 90 कट्टे बरामद

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कृषि विभाग और पुलिस की टीम ने नकली पोटाश और खाद बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान मौके से 90 कट्टे तैयार नकली खाद, मिलावटी सामग्री और पैकिंग के उपकरण बरामद किए गए हैं.

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हापुड़ में नकली पोटाश और खाद बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, 90 कट्टे बरामदनकली पोटाश और खाद

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में किसानों को नकली खाद बेचने की तैयारी का मामला सामने आया है. कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने रामपुर रोड पर छापेमारी कर नकली पोटाश और खाद बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. मौके से करीब 90 कट्टे तैयार नकली पोटाश, बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री और खाद की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं. कृषि विभाग ने खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

गुप्त सूचना पर कृषि विभाग ने की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर रोड पर अवैध तरीके से नकली पोटाश और खाद तैयार किए जाने की सूचना कृषि विभाग को मिली थी. बताया गया था कि यहां तैयार की जा रही नकली खाद को किसानों और खाद की दुकानों तक पहुंचाया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने कृषि विभाग की टीम तैयार की. इसके बाद पुलिस बल को साथ लेकर संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की. अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया.

90 कट्टे पोटाश और खाद मिले

छापेमारी के दौरान टीम को मौके से करीब 90 कट्टे तैयार पोटाश और खाद मिले. इसके अलावा बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री भी बरामद की गई, जिसका इस्तेमाल खाद तैयार करने में किया जा रहा था. टीम ने खाद को पैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं. कृषि विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तैयार खाद को बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी. मौके से नामी कंपनियों के फर्जी रैपर भी बरामद किए गए हैं. आशंका है कि नकली खाद को इन कंपनियों के नाम और पैकिंग में भरकर किसानों और दुकानदारों को बेचने की तैयारी थी.

किसानों को ठगने की थी तैयारी

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नकली खाद को असली और नामी कंपनियों के उत्पाद के तौर पर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी. अगर ऐसी खाद किसानों के खेतों तक पहुंच जाती, तो इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता था. किसान फसल की अच्छी पैदावार के लिए खाद और उर्वरकों पर काफी पैसा खर्च करते हैं. ऐसे में नकली या मिलावटी खाद मिलने से फसल की क्वालिटी और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. साथ ही किसानों को असली खाद के नाम पर नकली उत्पाद खरीदने से सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

खाद के सैंपल जांच के लिए भेजे गए

छापेमारी के बाद कृषि विभाग की टीम ने मौके से बरामद खाद और पोटाश के नमूने लिए हैं. इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है. अब लैब रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि बरामद खाद में किस तरह की मिलावट की गई थी और उसकी क्वालिटी निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है या नहीं. विभाग की ओर से बरामद सामग्री और पैकिंग से जुड़े सामान को भी कार्रवाई के तहत जब्त किया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

रिपोर्ट आने के बाद दर्ज होगी FIR

जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि खाद के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलते ही मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने और खाद में मिलावट करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. कृषि विभाग अब इस पूरे मामले की जांच कर रहा है कि नकली खाद कहां से तैयार की जा रही थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसे किन दुकानों या किसानों तक पहुंचाने की तैयारी थी. जांच के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. (देवेन्द्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट)

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