राजस्थान में रबी सीजन के लिए खाद का इतना स्‍टॉक मौजूद, जबरन उत्‍पाद बेचने पर कृषि‍ मंत्री ने दी चेतावनी

राजस्थान में रबी सीजन के लिए खाद का इतना स्‍टॉक मौजूद, जबरन उत्‍पाद बेचने पर कृषि‍ मंत्री ने दी चेतावनी

राजस्थान सरकार ने रबी सीजन में किसानों को मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है. कृषि विभाग खाद की कालाबाजारी, अवैध डायवर्जन और जबरन टैगिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मुताबिक, डीएपी की 14 रैक रास्ते में हैं, जिनके 14 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है.

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राजस्थान में रबी सीजन के लिए खाद का इतना स्‍टॉक मौजूद, जबरन उत्‍पाद बेचने पर कृषि‍ मंत्री ने दी चेतावनीखाद उपलब्‍धता पर राजस्‍थान के कृषि मंत्री ने दिया बयान (सांकेतिक तस्‍वीर)

राजस्थान में रबी सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता और सप्‍लाई को लेकर राज्‍य के कृषि मंत्री कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने ताजा अपडेट दिया है.  उन्‍हाेंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 1,05,584 मीट्रिक टन डीएपी और 3,63,969 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक है. इसके अलावा करीब 35 हजार मीट्रिक टन डीएपी लेकर 14 रैक रास्ते में हैं, जिनके 14 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि मौजूदा साप्ताहिक खपत के आधार पर प्रदेश में उपलब्ध डीएपी का स्टॉक करीब 18 दिन और यूरिया का स्टॉक करीब 35 दिन के लिए पर्याप्त है. 

मंत्री ने कहा क‍ि रबी सीजन में बुवाई अभी शुरुआती चरण में है और किसानों की मांग के अनुसार खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति जारी रखी जा रही है. वहीं, कृषि मंत्री ने यूरिया-डीएपी जैसी खाद के साथ अन्‍य उत्‍पादों की बंडलिंग पर भी दुकानदारों/विक्रेताओं को चेतावनी दी है.

डीएपी की 14 रैक रास्ते में

उन्‍होंने राज्य में डीएपी की सप्‍लाई बढ़ाने के लिए करीब 35 हजार मीट्रिक टन खाद की 14 रैक परिवहन के दौरान हैं. इनके 14 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध होने की संभावना है. कृषि मंत्री के मुताबिक, रबी सीजन में खाद की जरूरत को देखते हुए सप्‍लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

खरीफ में मांग से ज्यादा खाद उपलब्ध रही

कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 में राजस्थान में डीएपी की मांग 5.10 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि इसके मुकाबले 5,44,995 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया. इसी तरह, यूरिया की 11 लाख मीट्रिक टन मांग के मुकाबले 17,15,814 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया. सरकार का कहना है कि खरीफ की तरह रबी सीजन में भी किसानों की जरूरत के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.

खाद की कालाबाजारी और अवैध डायवर्जन पर कार्रवाई

कृषि विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 11,770 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया और 9,585 नमूने लिए हैं. गड़बड़‍ियां मिलने पर 1,238 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए. इसके अलावा 64 उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री पर रोक लगाई गई और 128 फर्मों के उर्वरक प्राधिकार पत्र सस्‍पेंड या निरस्त किए गए. विभाग ने 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और 11 गिरफ्तारियां भी हुई हैं.

खाद के साथ बंडलिंग करने पर होगी कार्रवाई

कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग (बंडलिंग) रोकने के लिए विभाग निगरानी कर रहा है. खाद का वितरण कृषि विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में कराया जा रहा है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे. सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से खाद की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण पर नजर रखी जा रही है.

वहीं, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने साफ किया कि किसानों पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा रहा है. किसान अपनी इच्छा और जरूरत के अनुसार इन उत्पादों को खरीदने और इस्तेमाल करने का फैसला कर सकते हैं.

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