अंबाला मंडी में बारिश का कहर, पानी में डूबी धान की बोरियांहरियाणा में अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. अंबाला, करनाल और रोहतक समेत कई इलाकों में बारिश के कारण खेतों और मंडियों में रखी धान की फसल भीग गई. अंबाला की अनाज मंडी में बारिश का पानी भरने से धान से भरी बोरियां भी पानी की चपेट में आ गईं. इससे किसानों को अपनी फसल खराब होने और उसे बेचने में परेशानी आने का डर है. किसानों का आरोप है कि मंडी में पानी की निकासी ठीक से नहीं होने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है.
अंबाला की अनाज मंडी में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई. मंडी में खुले में रखी धान की बोरियां पानी से भीग गईं. किसानों को डर है कि अगर धान ज्यादा देर तक गीला रहा, तो उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है. इससे फसल बेचने में परेशानी आ सकती है. किसानों ने मंडी में पानी जमा होने के लिए अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है. मंडी बोर्ड के सहायक सचिव जसबीर के मुताबिक, मंडी में अब तक 4,14,368 क्विंटल धान पहुंच चुका है. इसमें से करीब 3,43,972 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है. उन्होंने बताया कि खरीदे गए धान में से करीब 74 फीसदी का उठान भी किया जा चुका है.
मंडी बोर्ड के सहायक सचिव जसबीर ने कहा कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. पानी की निकासी के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है. नालियों में जमा कचरे और धान के कचरे को हटाया जा रहा है, ताकि पानी निकल सके और बोरियां भीगने से बचें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भीगे हुए धान को अच्छी तरह सुखाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि किसानों की परेशानी दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
करनाल में भी अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी. खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल भीग गई. किसानों को आशंका है कि बारिश के कारण उनकी फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है. इससे मंडी में धान बेचने में दिक्कत आ सकती है. हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मौसम पर किसी का बस नहीं चलता, लेकिन बारिश के दौरान भी सरकार किसानों के साथ खड़ी है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री और विधायक मंडियों का दौरा कर रहे हैं, ताकि किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनी जा सकें और उनका जल्द समाधान किया जा सके.
कृषि मंत्री के मुताबिक, वह कई मंडियों का दौरा कर चुके हैं और वहां किसानों व आढ़तियों से बातचीत भी की है. उन्होंने कहा कि मंडियों में सामने आने वाली समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं.
रोहतक और आसपास के इलाकों में रात करीब 3 बजे अचानक तेज बारिश हुई. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. कई किसानों की धान की फसल खेतों में खड़ी है, जबकि कुछ फसल कटकर मंडियों तक पहुंच चुकी है. ऐसे में बारिश से खेतों और मंडियों, दोनों जगह नुकसान का डर बना हुआ है. किसानों का कहना है कि धान के कम भाव के बीच बेमौसम बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने की खबर है. किसानों को डर है कि अगर बारिश आगे भी जारी रही, तो फसल की कटाई और बिक्री दोनों प्रभावित हो सकती हैं.
हरियाणा में धान की आवक बढ़ने के बीच बारिश ने खरीद और उठान की प्रक्रिया को लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फसल को भीगने से बचाना और उसे सही कीमत पर बेचना है. अब देखना होगा कि मंडियों में पानी की निकासी, भीगे धान को सुखाने और खरीद में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन कितनी जल्दी कदम उठाता है. जिन किसानों की खेतों में खड़ी फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें राहत देने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर भी किसानों की नजर बनी हुई है.
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