कृषि एक्सपर्ट ने बताया कि गेहूं के लिए खरपतवार बेहद खातक साबित होता है. केंद्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी 150 रुपये बढ़ाकर 2275 से 2425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जिसकी वजह से किसान गेहूं की जमकर बुवाई कर रहे हैं. रबी सीजन में गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों को अच्छी पैदावार के लिए खेत में खरपतवार नियंत्रण बहुत जरूरी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को गेहूं फसल में होने खरपतवार को खत्म करने के दवाएं और उनके इस्तेमाल का तरीका भी बताया है. बता दें कि राज्य सरकार इस बार गेहूं उत्पादन को बढ़ाने पर फोकस किए है, जिसकी वजह से लगातार गेहूं किसानों को सुझाव और टिप्स दिए जा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण ब्यूरो ने गेहूं फसल में होने वाले खरपतवार से नियंत्रण के सुझाव दिए हैं. कृषि एक्सपर्ट ने बताया कि गेहूं के लिए खरपतवार बेहद खातक साबित होता है. अगर समय रहते इसका नियंत्रण नहीं किया जाता है तो पौधे का विकास रुक जाता है, जो बाली में दाने की मजबूती को रोकता है. इसका असर क्वालिटी और उत्पादन पर पड़ता है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 2024-25 के लिए खाद्यान्न के उत्पादन का राष्ट्रीय लक्ष्य 3415.5 लाख टन (341.55 मिलियन) तय किया है. इसमें से चावल का कुल उत्पादन टारगेट 1363 लाख टन रखा है. जबकि, गेहूं के लिए 1150 लाख टन उत्पादन लक्ष्य रखा है. हालांकि, कृषि एक्सपर्ट ने मौसम स्थितियों को देखते हुए फसल को फायदा पहुंचने की संभावना जताई है, जिससे टारगेट से अधिक उत्पादन की संभावना को बल मिला है.
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