Tips: गेहूं की बंपर पैदावार चाहिए? बुवाई से पहले खेत में जरूर करें ये 4 काम

Tips: गेहूं की बंपर पैदावार चाहिए? बुवाई से पहले खेत में जरूर करें ये 4 काम

गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए बुवाई से पहले खेत की सही तैयारी करना बेहद जरूरी है. कृषि विभाग ने किसानों को खेत तैयार करने के 4 जरूरी तरीके बताए हैं. इन तरीकों को अपनाकर किसान बंपर पैदावार ले सकते हैं.

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Tips: गेहूं की बंपर पैदावार चाहिए? बुवाई से पहले खेत में जरूर करें ये 4 कामगेहूं की खेती

खरीफ फसलों की कटाई होते ही किसान रबी की प्रमुख फसल की खेती की तैयारी में जुट गए हैं. लेकिन गेहूं की बंपर पैदावार के लिए सिर्फ अच्छे बीज खरीदना ही काफी नहीं है. अच्छी फसल के लिए बुवाई से पहले खेत की सही तैयारी करना भी बेहद जरूरी है. मिट्टी की स्थिति, खेत में नमी और खाद का सही इस्तेमाल गेहूं की शुरुआती बढ़वार को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. अगर किसान इन बातों का ध्यान रखें, तो फसल की अच्छी शुरुआत के साथ बेहतर उत्पादन मिल सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार कृषि विभाग ने गेहूं की बुवाई से पहले खेत तैयार करने के 4 जरूरी तरीके बताए हैं, आइए जानते हैं.

गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए 4 तरीके

1. खेत की गहरी जुताई करें: गेहूं की बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करना जरूरी होता है. इससे मिट्टी ढीली और भुरभुरी होती है, जिससे बीजों के अंकुरण और पौधों की जड़ों के विकास में मदद मिलती है. जुताई करते समय खेत की मिट्टी और उसकी स्थिति का भी ध्यान रखें.

2. जुताई के बाद पाटा जरूर चलाएं: खेत की जुताई करने के बाद पाटा यानी हेंगा चलाना चाहिए. इससे मिट्टी के बड़े-बड़े ढेले टूट जाते हैं और खेत समतल हो जाता है. समतल खेत में बीज की बुवाई सही तरीके से की जा सकती है. साथ ही, सिंचाई के दौरान पानी भी खेत में समान रूप से फैलने में मदद मिलती है.

3. बुवाई से पहले मिट्टी में नमी जांचें: गेहूं के बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए खेत में उचित नमी होना जरूरी है. बहुत ज्यादा सूखी मिट्टी में बीजों का अंकुरण प्रभावित हो सकता है, इसलिए किसान बुवाई से पहले खेत की नमी जरूर जांच लें और जरूरत के अनुसार सिंचाई करें. ध्यान रखें कि खेत में जरूरत से ज्यादा पानी नहीं होना चाहिए.

4. जैविक खाद और संतुलित उर्वरक डालें: फसल को शुरुआती अवस्था से ही पोषण देने के लिए खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद या कंपोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके साथ मिट्टी की जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें. इससे मिट्टी की क्वालिटी बनी रहती है और फसल की अच्छी बढ़वार में मदद मिलती है. उर्वरकों की मात्रा तय करते समय मिट्टी की जांच और कृषि विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें.

किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी

बिहार कृषि विभाग ने किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए किसान कॉल सेंटर की सुविधा भी दी है. किसान अपनी समस्याओं और सवालों के समाधान के लिए 1800-180-1551 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह हेल्पलाइन नंबर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चालू रहती है. इसके अलावा किसान फेसबुक और एक्स पर @agribihar और इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर @agribih के माध्यम से भी कृषि विभाग से जुड़ सकते हैं. 

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