Tulsi Care: कोहरे के मौसम में कैसे एक चुटकी हल्‍दी तुलसी को देगी नया जीवन, जानें  

Tulsi Care: कोहरे के मौसम में कैसे एक चुटकी हल्‍दी तुलसी को देगी नया जीवन, जानें  

कोहरे के मौसम में वातावरण में नमी बहुत अधिक हो जाती है. यह नमी मिट्टी में लंबे समय तक बनी रहती है जिससे जड़ों में सड़न का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा धूप कम मिलने से पौधे का फोटोसिंथेसिस प्रभावित होता है. फंगल इंफेक्शन, पत्तियों पर सफेद या काले धब्बे और तने का कमजोर होना, ये सभी समस्याएं सर्दियों में आम हैं. हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल माना जाता है.

Advertisement
Tulsi Care: कोहरे के मौसम में कैसे एक चुटकी हल्‍दी तुलसी को देगी नया जीवन, जानें  

तुलसी का पौधा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि यह आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना भी माना जाता है. करीब हर भारतीय घर में तुलसी का पौधा लगाया जाता है लेकिन सर्दियों में खासकर कोहरे के मौसम में इसकी देखभाल करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अधिक नमी, कम धूप और ठंडी हवाओं के कारण तुलसी की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं. उन पर फंगस लग सकता है और पौधा धीरे-धीरे मुरझाने लगता है. ऐसे में एक साधारण घरेलू उपाय यानी एक चुटकी हल्दी तुलसी को नया जीवन दे सकती है.कोहरे के मौसम में तुलसी की देखभाल थोड़ी समझदारी से की जाए तो वह आसानी से स्वस्थ रह सकती है. एक चुटकी हल्दी जैसा छोटा सा उपाय न सिर्फ फंगल रोगों से बचाता है बल्कि तुलसी को नया जीवन भी देता है. प्राकृतिक और सस्ता होने के कारण यह तरीका हर घर में आसानी से अपनाया जा सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी तुलसी सर्दियों में भी हरी-भरी रहे तो हल्दी का यह उपाय जरूर आजमाएं.

कोहरे में क्यों होता नुकसान

कोहरे के मौसम में वातावरण में नमी बहुत अधिक हो जाती है. यह नमी मिट्टी में लंबे समय तक बनी रहती है जिससे जड़ों में सड़न का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा धूप कम मिलने से पौधे का फोटोसिंथेसिस प्रभावित होता है. फंगल इंफेक्शन, पत्तियों पर सफेद या काले धब्बे और तने का कमजोर होना, ये सभी समस्याएं सर्दियों में आम हैं. हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल माना जाता है. इसमें मौजूद करक्यूमिन तत्व बैक्टीरिया और फंगस को पनपने से रोकता है. जब हल्दी का सही तरीके से इस्तेमाल तुलसी के पौधे पर किया जाता है तो यह मिट्टी में मौजूद हानिकारक माइक्रो बैक्‍टीरिया को खत्म करने में मदद करती है और पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है.

हल्दी का सही इस्तेमाल कैसे करें

तुलसी के लिए हल्दी का प्रयोग बहुत सरल है लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. एक गिलास गुनगुने पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाएं. इस पानी को अच्छे से घोल लें ताकि हल्दी नीचे न बैठे. हफ्ते में एक बार इस पानी को तुलसी की जड़ में हल्के हाथ से डालें. ध्यान रखें कि मिट्टी पहले से बहुत ज्यादा गीली न हो. अगर आप चाहें तो सूखी हल्दी का पाउडर भी सीधे इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए बस एक चुटकी हल्दी मिट्टी की ऊपरी सतह पर छिड़क दें और हल्के से गुड़ाई कर दें. इससे फंगस का खतरा कम होता है. अगर आप नियमित रूप से हल्दी का यह उपाय अपनाते हैं, तो 10 से 15 दिनों में फर्क साफ नजर आने लगेगा. पत्तियां फिर से हरी और चमकदार दिखेंगी, नई ग्रोथ आएगी और पौधा पहले से ज्यादा मजबूत होगा. 

धूप है बेहद जरूरी

सिर्फ हल्दी ही नहीं, कुछ और बातों का ध्यान रखकर आप अपनी तुलसी को सर्दियों में स्वस्थ रख सकते हैं. तुलसी को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप कम से कम 2 से 3 घंटे जरूर मिले. साथ ही ज्यादा पानी देने से बचें. मिट्टी सूखने पर ही सिंचाई करें. बहुत ठंडी हवा या पाले से बचाने के लिए रात में पौधे को ढक सकते हैं. पीली या संक्रमित पत्तियों को समय-समय पर तोड़कर हटा दें.

यह भी पढ़ें- 

POST A COMMENT