जनवरी का महीना किसानों के लिए सिर्फ ठंड का मौसम नहीं बल्कि कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने का सुनहरा मौका भी होता है. अगर सही फसल का चुनाव किया जाए तो कुछ ही महीनों में अच्छी कमाई संभव है. ऐसे ही एक फायदेमंद फल की खेती है स्ट्रॉबेरी. आज स्ट्रॉबेरी की मांग शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक तेजी से बढ़ रही है जिससे इसकी खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा बन गई है.अगर जनवरी में कोई ऐसी खेती करना चाहते हैं जिसमें कम समय में ज़्यादा मुनाफा मिल तो स्ट्रॉबेरी एक बेहतरीन विकल्प है. सही तकनीक और थोड़ी मेहनत से यह फसल किसानों की आमदनी बढ़ाने में बड़ा रोल निभा सकती है.
स्ट्रॉबेरी ठंडे मौसम की फसल है और जनवरी का तापमान इसके लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस समय लगाए गए पौधों में रोग कम लगते हैं और फल की क्वालिटी भी बेहतर होती है. सही देखभाल के साथ मार्च से मई के बीच तुड़ाई शुरू हो जाती है. स्ट्रॉबेरी के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है. खेत की अच्छी तरह जुताई करके उसे भुरभुरा बना लें. जल निकासी का खास ध्यान रखें, क्योंकि पानी भरने से पौधे खराब हो सकते हैं. बेड बनाकर खेती करने से उत्पादन और क्वालिटी दोनों बेहतर होती है.
जनवरी में स्वस्थ और प्रमाणित नर्सरी से पौधे लें. एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी करीब 30 से 40 सेंटीमीटर रखें. पौध रोपण के बाद हल्की सिंचाई ज़रूर करें. ड्रिप सिंचाई अपनाने से पानी और खाद दोनों की बचत होती है.स्ट्रॉबेरी की फसल में गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कंपोस्ट और संतुलित मात्रा में एनपीके खाद का प्रयोग करें. समय-समय पर निराई-गुड़ाई करते रहें. रोग और कीट से बचाव के लिए जैविक उपाय अपनाना ज़्यादा फायदेमंद रहता है.
एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती से 20 से 25 टन तक उत्पादन संभव है. बाजार में स्ट्रॉबेरी का भाव 150 से 300 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है. इस हिसाब से किसान एक एकड़ से लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं, जबकि लागत अपेक्षाकृत कम होती है. होटल, आइसक्रीम इंडस्ट्री, बेकरी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्ट्रॉबेरी की भारी मांग रहती है. अगर किसान सीधे बाजार या मंडी से जुड़ जाएंतो उन्हें और भी अच्छा दाम मिल सकता है.
यह भी पढ़ें-
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today