गुलाब की खेती और कमाई का तरीकासर्दियों के मौसम में गुलाब की मांग काफी बढ़ जाती है, खासकर शादी‑ब्याह के सीजन में. ऐसे समय में गुलाब की खेती किसानों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है. यदि इसे सही तरीके से किया जाए तो किसान एक छोटे से क्षेत्र में भी बड़ी आमदनी कमा सकते हैं. इस लेख में हम आपको गुलाब की लोकप्रिय वैरायटी अर्का सावी (Arka Savi) की खेती का प्रति एकड़ खर्च और कमाई का पूरा गणित बता रहे हैं.
अर्का सावी वैरायटी को गुलाब की सबसे अच्छी वैरायटी माना जाता है. इस वैरायटी के एक पौधे की कीमत आमतौर पर 20 से 30 रुपये होती है. एक एकड़ खेत में इस किस्म के लगभग 30,000 पौधे लगाए जा सकते हैं. इस आधार पर पौधों की कुल लागत 3,50,000–5,00,000 रुपये होगी. खेती के लिए भूमि की तैयारी पर 30,000 रुपये, सिंचाई (ड्रिप आदि) पर 50,000 रुपये, खाद और उर्वरक पर 20,000 रुपये, मजदूरी (लेबर) पर 50,000 रुपये और अन्य छिटपुट खर्च 20,000 रुपये तक आ सकता है.
यदि अर्का सावी वैरायटी की खेती में पॉलीहाउस का इस्तेमाल किया जाए, जिसकी लागत सरकारी सब्सिडी के बाद लगभग 16 लाख रुपये होती है, तो इसे भी कुल लागत में शामिल करना होगा.
अर्का सावी किस्म से होने वाली कमाई जानने के लिए आपको प्रति गुलाब से होने वाली कमाई को देखना होगा. बाजार में एक गुलाब की कीमत 10–25 रुपये तक होती है. खेत में प्रति पौधा उत्पादन 30–40 फूल का होता है. अगर कोई किसान 30,000 पौधे लगाता है तो उससे कुल उत्पादन 9–12 लाख फूल होंगे. औसतन 10 लाख फूल मान कर चलें. लगभग 50,000 फूल खराब मानकर हटा दें, फिर भी 9.5 लाख फूल बचेंगे.
तो कुल आय 95 लाख रुपये हो सकती है. इससे शुद्ध मुनाफा (लागत घटाकर) 80–85 लाख रुपये तक संभव है. अगर आप इसमें पॉलीहाउस शामिल करें तो नेट प्रॉफिट लगभग 60– 65 लाख रुपये/एकड़ हो सकता है.
अगर गुलाब की खेती से कमाई बढ़ाना चाहते हैं तो पौधों का घनत्व बढ़ाएं. यानी ज्यादा पौधों से ज्यादा उत्पादन. सिंचाई की आधुनिक तकनीकें अपनाएं जिसमें कम खर्च में अधिक काम होगा. पौधों को खाद और उर्वरक आदि से नियमित पोषण दें. कीट औक रोग नियंत्रण पर लगातार निगरानी रखें. फूल समय पर तोड़ें और अच्छे दामों वाले बाजार में बेचें. इन सलाहों से आप गुलाब की खेती से आय बढ़ा सकते हैं.
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