कड़ाके की ठंड में टमाटर की फसल में फटने की समस्या, कृषि एक्सपर्ट ने किसानों को दिए ये जरूरी सुझाव

कड़ाके की ठंड में टमाटर की फसल में फटने की समस्या, कृषि एक्सपर्ट ने किसानों को दिए ये जरूरी सुझाव

Tomato Cultivation Tips: कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, टमाटर की फसल में सिंचाई नियमित रूप से करें और अनियमितता से बचें. वहीं बोरोन और कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करें ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें.

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कड़ाके की ठंड में टमाटर की फसल में फटने की समस्या, कृषि एक्सपर्ट ने किसानों को दिए ये जरूरी सुझावटमाटर की फसल में फल फटने की समस्या

सर्दी में ज्यादातर लोग टमाटर की खेती करते हैं. लेकिन किसानों को कुछ समस्याएं भी होती हैं. इससे उपज का सही दाम नहीं मिल पाता है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है. उत्तर प्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों ने टमाटर की खेती को लेकर सोशल मीडिया में सलाह जारी की हैं, जिन्‍हें अपनाकर किसान अच्‍छा फायदा ले सकते हैं. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी ने बताया कि टमाटर की फसल पकने के दौरान फल फटने की समस्या काफी आम है, लेकिन इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि जब टमाटर का फल फट जाता है, तो उसकी बाजार में कोई कीमत नहीं रह जाती, जिससे किसान को कम भाव और नुकसान का सामना करना पड़ता है. 

टमाटर फटने के दो मुख्य कारण

डॉ पंकज त्रिपाठी ने आगे बताया कि दरअसल, टमाटर फटने की समस्या के मुख्य दो कारण हैं. पहला असंतुलित या अनियमित सिंचाई. वहीं बोरोन की कमी. इसके अलावा फसल के सूख जाने के बाद से अचानक सिंचाई करते हैं, तो फल तेजी से बढ़ने से छिलका फट जाता है. तापमान में अचानक गिरावट आती है, तब फ्रूट क्रैकिंग की समस्या दिखने लगती है.

टमाटर की फसल के बचाव और उपाय

उन्होंने बताया कि किसान अब इस समस्या का समाधान करने के लिए इन उपाय के जरिए अपनी फसलों की पैदावार बढ़ा सकते है. कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, टमाटर की फसल में सिंचाई नियमित रूप से करें और अनियमितता से बचें. वहीं बोरोन और कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव करें ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें.

जलभराव की स्थिति में फसल को नुकसान

उन्होंने बताया कि सर्वोत्तम नियंत्रित के लिए बुवाई से पहले 10 किलोग्राम बोरेक्स पाउडर प्रति हैक्टर भुरकाव करें (बेसल डोज. जबकि टमाटर की खड़ी फसल में प्रति लीटर 2 ग्राम बोरोन, और 1 ग्राम कैल्शियम नाइट्रेट मिलाएं और छिड़काव करें. डॉ त्रिपाठी ने बताया कि जलभराव की स्थिति में फसल को नुकसान होने की आशंका रहती है, इसलिए खेत की तैयारी के समय जल निकास पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.

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