बिहार सरकार ने शुरू की कोल्ड स्टोरेज सुविधाबिहार में रबी फसलों की कटाई खत्म हो चुकी है. थ्रेसिंग का काम भी समाप्त है. लेकिन उसे सुरक्षित जगह पकड़ाना किसानों की बड़ी चिंता है. कई किसान ऐसे हैं जिनका अनाज अभी सुरक्षित स्थान पर नहीं है, खुले में पड़ा है क्योंकि उसे रखने की पर्याप्त जगह नहीं है. बिहार में यह समस्या आम है क्योंकि किसानों के पास खलिहान के अलावा दूसरा कोई स्थान नहीं रहता जहां वे अनाज को सुरक्षित रख सकें. लेकिन खलिहान की भी एक लिमिट है. अगर पैदावार ज्यादा हो जाए तो खलिहान की जगह कम पड़ जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसी समस्या है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.
बिहार सरकार ने ऐसे किसानों को समस्या से उबारने के लिए खास इंतजाम किया है. सरकार ने बताया है कि जिन किसानों के पास अनाज रखने के लिए जगह नहीं है, वे कुछ आसान उपाय करके इस मुश्किल काम को आसान बना सकते हैं. इसके लिए सरकारी गोदामों में सुविधा बढ़ाई गई है जहां किसान अपना स्थान बुक कर सकते हैं और अनाज को स्टोर कर सकते हैं.
ऐसा हो सकता है कि किसान को उस गोदाम के बारे में जानकारी नहीं हो जहां वह आसानी से अपनी उपज रख सकता है. इस समस्या के समाधान के लिए बिहार सरकार ने आसान उपाय बताया है. सरकार ने 5 स्टेप्स बताए हैं जिनकी मदद से किसान आसानी से गोदाम के बारे में जान सकते हैं और अपनी उपज को सुरक्षित रख सकते हैं.
अनाज रखने के 5 आसान स्टेप्स
खेती-किसानी में मदद के लिए बिहार सरकार ने एक मोबाइल ऐप बनाया है जिसका नाम है बिहार कृषि ऐप. अनाज को गोदाम में रखने के लिए किसान को सबसे पहले इस ऐप को मोबाइल में डाउनलोड करना होगा. फिर इस ऐप को खोलना होगा.
इस ऐप की मदद से किसान अपने नजदीकी कोल्ड स्टोरेज का लोकेशन चेक कर सकते हैं. ऐप के माध्यम से ही पता चल जाएगा कि घर से नजदीक कौन सा स्टोरेज है जहां अनाज का सुरक्षित भंडारण किया जा सकता है.
कोल्ड स्टोरेज का लोकेशन मिलने के बाद उसका पता भी मिल जाएगा. इस पते में स्टोरेज का फोन नंबर होगा जहां किसान फोन करके अनाज रखने की सुविधा के बारे में जान सकते हैं. फोन कॉल पर ही अनाज रखने से लेकर उसके चार्ज आदि के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी.
एक बार ये सब जानकारी मिलने के बाद खाली स्पेस के बारे में भी पता कर लें. कई बार कोल्ड स्टोरेज में जगह खाली नहीं होती या कम जगह होती है. आपको कितना स्पेस चाहिए, कितना अनाज स्टोर करना है, इसके बारे में तसल्ली से जानकारी प्राप्त कर लें और इसी आधार पर बुकिंग करा लें. बुकिंग के साथ ही आपका स्पेस निर्धारित हो जाएगा.
बुकिंग संपन्न होने के बाद अपना अनाज उस कोल्ड स्टोरेज में ले जाएं और आसानी से रखें. इसी के साथ स्टोरेज की पर्ची लेना नहीं भूलें जिसमें किसान का नाम, पता, उपज, मात्रा, तारीख आदि का पूरा विवरण होगा. इस पर्ची को संभाल कर रखें क्योंकि भविष्य में इसकी जरूरत पड़ सकती है.
इस तरह किसान इन 5 स्टेप्स में बिना किसी झंझट के अपना अनाज सुरक्षित रख सकते हैं और भविष्य की चिंता से मुक्त हो सकते हैं. बिहार सरकार ने इसके लिए किसानों से अपील की है कि वे कृषि ऐप पर स्टोरेज की सुविधा का लाभ जरूर उठाएं.
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