राजस्थान में अधिक मॉनसूनी बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर. ज्यादा बारिश से हो रही फसलें चौपट. दूसरी तरफ बढ़ रहा कातरा कीट. नागौर जिले में कातरा कीट का प्रकोप, कृषि विभाग ने टीम का किया गठन. टीम ने कातरा प्रभावित इलाकों का टीमों ने किया निरीक्षण. टीमों ने किसानों को बचाव का बताया उपाय. खेत के चोरों तरफ गड्ढा (खाई) खोद कर रखें. गड्ढा के भीतर कीटनाशक को डाल दें.
ट्राइकोडर्मा दलहनी, तिलहनी, सब्जियों एवं नकदी फसलों जैसे कपास, मूंगफली, ग्वार आदि में मिट्टी जनित कवकों द्वारा पैदा होने वाले जड़ गलन, तना गलन, कॉलर रॉट तथा उकठ रोग के बचाव और निदान के लिए ट्राईकोडर्मा उपयोग किया जाता है.
नमी के कारण सफेद लट के जमीन से बाहर निकलने की संभावना बढ़ गई हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक इसके प्यूपा जमीन से बाहर नहीं निकल सका है. लेकिन किसानों को सावधान रहने की जरूरत है.
लहसुन का इस्तेमाल आपके बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है. साथ ही उल्टी, सिरदर्द की समस्या भी लहसुन खाने से दूर होता है. क्योंकि इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक गुण होते हैं. इसके अलावा लहसुन खाने से धमनियों में लचीलापन आता है. इससे खून का प्रवाह अच्छे से होता है.
सर्व शिक्षा अभियान में कंप्यूटर प्रोजेक्ट की नौकरी अच्छी चल रही थी. लेकिन किसान रविंद्र स्वामी को कुछ नया करने की ललक थी. लिहाजा उन्होंने नौकरी छोड़ पॉलीहाउस में सब्जियों की खेती शुरू कर दी. जैविक खाद का प्रयोग किया और बिक्री कर बंपर कमाई कर रहे हैं.
परंपरागत खेती में कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव (spray fertiliser) या तो हाथ से किया जाता है या ट्रैक्टर पर लगे स्प्रे से. इसमें पानी अधिक खर्च होता है और समय भी बर्बाद होता है. अगर यही काम ड्रोन से किया जाए तो हर तरह की बर्बादी रुकेगी. ड्रोन पूरी सटीकता के साथ कम पानी और कम खाद में काफी अच्छा छिड़काव करता है.
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