
गंगा नदी के किनारे बसा ‘किसान तक’ का किसान कारवां रविवार को उन्नाव जिले के कटरी पीपरखेड़ा गांव पहुंचा. प्रदेश के 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज के तहत यह कारवां का 25वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक खेती से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं.

पहले चरण में पशु चिकित्सा अधिकारी एमवीयू सदर उन्नाव के डॉ. जगदीश प्रसाद ने किसानों को पशु एंबुलेंस के जरिए मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि किसान हेल्पलाइन नंबर 1962 पर फोन करके फ्री मोबाइल वेटनरी यूनिट मंगवा सकते हैं.

दूसरे चरण में स्वयं सहायता समूह से बैंक दीदी पूनम ने बताया कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां वह अपनी एक अलग पहचान बनाने के साथ ही आर्थिक तौर पर समृद्ध भी हो सकती हैं. साथ ही एक अच्छी कमाई भी कर सकती हैं. साथ ही खुद के साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं.

तीसरे चरण में जिला कृषि अधिकारी, उन्नाव के शशांक चौधरी ने कहा कि आज किसानों को अपनी आमदनी बढ़ानी है तो फसल के विविधीकरण पर ध्यान देना होगा. सब्जियों सहित फलों की खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उन्नाव जिले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दो बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है.

चौथे चरण में पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर राजेश ने बताया कि अब कृषि के तहत जैसे किसानों को KCC यानी किसान क्रेडिट कार्ड के तहत राशि दी जाती है, उसी तरह अब पशुओं को लेकर भी केसीसी की व्यवस्था की गई है. इसमें किसान अपने पशुओं के देखभाल में आ रहे पैसों की किल्लत को कम कर सकते हैं.

पांचवें चरण में इफको प्रतिनिधि शैलेन्द्र शुक्ला ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के महत्व के बारे में बताया. उन्होंने किसानों को इन दोनों उत्पादों के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही इन उत्पादों का कितना प्रयोग और किस चरण में करना है, इस पर भी जानकारी दी.

छठवें चरण में मैजिशियन सलमान द्वारा खेती से जुड़ी जानकारी अपनी कला के जरिए बताई गई. साथ ही उन्होंने किसानों को गोबर खाद और पशुपालन करने का सुझाव दिया.

सातवें चरण में लकी ड्रा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और दूसरा पुरस्कार 2000 रुपये धनी राम को मिला. वहीं, प्रथम पुरस्कार महिला किसान नन्हकी को 3000 रुपये दिए गए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today