पंजाब में किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी पर पराली प्रबंधन मशीन दे रही है सरकार, अब हवा नहीं होगी जहरीली

पंजाब में किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी पर पराली प्रबंधन मशीन दे रही है सरकार, अब हवा नहीं होगी जहरीली

इस अभियान की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि धान की पराली जलाना किसानों और भूमि के लिए खतरनाक है, जिसे किसान अपनी मां मानते हैं. डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि धान की पराली जलाना कृषि अवशेष प्रबंधन का कोई समाधान नहीं है.

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पंजाब में किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी पर पराली प्रबंधन मशीन दे रही है सरकार, अब हवा नहीं होगी जहरीली पराली जलाने की घटनाओं पर लगेगा ब्रेक. (सांकेतिक फोटो)

पंजाब सरकार लुधियाना को पराली जलाने की घटनाओं से मुक्त करने के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए जिला प्रशासन ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ मिलकर आने वाले हफ्तों में किसानों को सब्सिडी वाली धान की पराली प्रबंधन मशीन वितरित करने का फैसला किया है. खास बात यह है कि पराली प्रबंधन मशीन किसानों के बीच बाटने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि धान की पराली जलाना किसानों और भूमि के लिए खतरनाक है, जिसे किसान अपनी मां मानते हैं. डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि धान की पराली जलाना कृषि अवशेष प्रबंधन का कोई समाधान नहीं है, क्योंकि इससे मिट्टी की सेहत खराब होती है और पर्यावरण को भारी नुकसान होता है.

नई तकनीकों को अपनाएं किसान

साहनी ने बताया कि धान की पराली जलाने से मिट्टी के कई प्रमुख पोषक तत्व और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि धान की पराली जलाने के बजाय किसानों को नई तकनीकों के माध्यम से इन-सीटू प्रबंधन के लिए प्रभावी तरीके अपनाने चाहिए.

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किसानों को मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

उन्होंने दावा किया कि नई तकनीकों को अपनाने को लेकर किसानों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है. इसके लिए प्रशासन और विभाग हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, रेक, मल्चर, पैडी चॉपर श्रेडर और आरएमबी प्लाऊ समेत कई मशीनें किसानों और किसान समूहों को सब्सिडी पर दे रहा है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत किसान को 50 प्रतिशत सब्सिडी और किसान समूह/सहकारी समितियों को 80 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है. डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को इस साल के दौरान जागरूकता अभियान के तहत प्रत्येक गांव को कवर करने के लिए रोडमैप तैयार करने का भी निर्देश दिया है.

32 फीसदी कम मामले दर्ज किए गए थे

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पिछले साल जिले में पराली जलाने के 32 फीसदी कम मामले दर्ज किए गए थे और अब इस बार हमें यह सुनिश्चित करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी कि कोई भी किसान इस अस्वास्थ्यकर प्रथा में शामिल न हो. इस अवसर पर एडीसी अनमोल सिंह धालीवाल, रुपिंदर पाल सिंह, एसडीएम और अन्य मौजूद थे.

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