
कृषि यांत्रिकरण मेलाराजधानी पटना के गांधी मैदान में चार दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला का भव्य उद्घाटन कृषि मंत्री रामकृपाल यादव द्वारा किया गया. वहीं, इस मेले में बिहार सहित करीब आठ राज्यों के कृषि यंत्र निर्माताओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है किसानों को तकनीक से जोड़ते हुए खेती को आधुनिक बनाना और किसान की आय बढ़ाना. इसको लेकर राज्य सरकार लगातार काम कर रही है.
बता दें कि करीब 16 साल पहले यानी 2011 में कृषि विभाग की ओर से राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला का आयोजन पटना में किया गया था. वहीं, इस साल पटना के गांधी मैदान में करीब 2 लाख से अधिक वर्ग फीट क्षेत्र में मेले का आयोजन किया गया है. इस बार कृषि यांत्रिकरण मेला का आयोजन 12 मार्च से 15 मार्च तक किया जाएगा. बिहार में यांत्रिककरण को बढ़ावा देने के लिए 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है.

चार दिनों तक चलने वाले इस मेले में 100 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं. वहीं, बिहार ही नहीं बल्कि हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के कृषि यंत्र निर्माताओं ने हिस्सा लिया है. इस मौके पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सब्सिडी दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करा रही है और यह सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जा रहा है. इससे किसानों को पारदर्शी और समय पर लाभ मिल रहा है.
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि यह मेला किसानों का तकनीक के साथ संगम है. बढ़ती आबादी के कारण खेती पर बढ़ते दबाव को तकनीक के सहारे ही कम किया जा सकता है. आगे उन्होंने कहा कि एक बड़ी चुनौती यह है कि हमारे किसानों के पास जोत कम है, ऐसे में क्लस्टर खेती के माध्यम से किसान एक साथ समूह में खेती कर कृषि यंत्रों का लाभ उठा सकते हैं. राज्य के प्रत्येक जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर की व्यवस्था की जा रही है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भाड़े पर कृषि यंत्र लेकर खेती कर सकते हैं.
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) बिहार के अध्यक्ष गौरव साह ने कहा कि एग्रीकल्चर इनोवेशन, फार्म मैकेनाइजेशन, इकोनॉमिक एडॉप्शन और इंडस्ट्री-फार्मर पार्टनरशिप को बढ़ाने का यह एक महत्वपूर्ण माध्यम है. राज्य की 70 फीसदी आबादी कृषि पर आश्रित है, इसलिए खेती को अत्याधुनिक बनाना जरूरी है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today