“कवच बैग” से बदलेगी आम किसानों की किस्मत, मिलेगा प्रीमियम दाम

“कवच बैग” से बदलेगी आम किसानों की किस्मत, मिलेगा प्रीमियम दाम

मलिहाबाद में “कवच मैंगो फ्रूट प्रोटेक्शन बैग” तकनीक किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है. यह बैग आम को कीटों, धूल और धूप से बचाकर उसकी गुणवत्ता बढ़ाता है. साथ ही “स्वीट सैफरन” प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को प्रीमियम बाजार से जोड़कर बेहतर दाम दिलाने में मदद कर रहा है.

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“कवच बैग” से बदलेगी आम किसानों की किस्मत, मिलेगा प्रीमियम दामआम की करें थैलाबंद बागवानी, बड़े और चमकदार फल मिलेंगे

मलिहाबाद की आम नगरी में इस बार एक ऐसी तकनीक ने सबका ध्यान खींच लिया, जो किसानों की किस्मत बदल सकती है. “कवच मैंगो फ्रूट प्रोटेक्शन बैग” न सिर्फ आम को कीटों, धूल और तेज धूप से बचाता है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी कई गुना बढ़ा देता है. खास बात यह है कि यह बैग स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहा है और लंबे समय तक उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिलने की उम्मीद है.

“कवच मैंगो बैग” बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण “कवच मैंगो फ्रूट प्रोटेक्शन बैग” रहा. यह बैग आम को कीटों, धूल, तेज धूप और बीमारियों से बचाता है. इससे फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाजार में अधिक कीमत मिलती है. कंपनी के संस्थापक मयंक सिंह और सुजीत सिंह ने किसानों को बताया कि यह बैग मलिहाबाद में ही बनाया जा रहा है और इसे दो साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है.

“स्वीट सैफरन” से मिलेगा सीधा प्रीमियम बाजार

इस कार्यक्रम में किसानों के लिए एक और बड़ी जानकारी दी गई कि “स्वीट सैफरन” ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बैगिंग किए गए आमों की सीधी खरीद की जाएगी. इससे किसानों को बिचौलियों से बचकर सीधे प्रीमियम बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा और उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर दाम मिलेगा.

विशेषज्ञों ने दी आधुनिक खेती की जानकारी

कार्यक्रम में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आम को सिर्फ फसल नहीं बल्कि एक उद्योग के रूप में देखना चाहिए. उन्होंने पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, कीट नियंत्रण और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया. साथ ही किसानों को उकठा रोग और लाभकारी कीटों के संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गई.

सरकारी योजनाओं और तकनीकों पर जोर

उद्यान विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बैगिंग सब्सिडी, छंटाई और अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में बताया. किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया. इसके अलावा संतुलित पोषण, जैसे कैल्शियम और बोरॉन के उपयोग से आम की गुणवत्ता बढ़ाने के तरीके भी बताए गए.

किसानों ने रखी अपनी समस्याएं

कार्यक्रम में किसानों ने अपनी समस्याएं भी खुलकर सामने रखीं. उन्होंने नकली कीटनाशकों, ईंट-भट्टों के धुएं से होने वाले नुकसान और पुराने बागों के रखरखाव की कठिनाइयों का जिक्र किया.

कुल मिलाकर, यह “कवच आम सभा” किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई. नई तकनीकों और “स्वीट सैफरन” जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए अब किसानों को न सिर्फ बेहतर उत्पादन मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने आम का अच्छा दाम भी मिल सकेगा.

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