राज्य कृषि विभाग प्राकृतिक उत्पादों की मार्केटिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर करेगा.बदलती जलवायु के खेती पर होने वाले विपरीत असर से निपटने के लिए हिमाचल में अगले साल से खेती को पूरी तरह से प्राकृतिक करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. राज्य सरकार ने कहा है कि कृषि विभाग के अंतर्गत सभी खेतों में प्राकृतिक खेती अपनाई जाएगी. इसके लिए अभी से बीज उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. वर्तमान में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की मैपिंग के निर्देश दिए गए हैं. जबकि, मिट्टी और बीज परीक्षण के लिए हाईटेक लैब बनाने और नेचुरल प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स पर बिक्री के लिए कृषि विभाग को निर्देशित किया गया है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कृषि विभाग के अंतर्गत सभी खेतों को अगले साल तक प्राकृतिक खेती के लिए पूरी तरह से विकसित कर दिया जाएगा, जिसमें केवल प्राकृतिक खेती के लिए बीज उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. आधिकारिक बयान के अनुसार शिमला में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में एक लाख परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा.
उन्होंने कृषि विभाग को राज्य भर में प्राकृतिक खेती के तरीकों से गेहूं और मक्का की खेती करने वाले किसानों का मानचित्रण करने के निर्देश दिए और प्राकृतिक खेती के जरिए से उत्पादित अनाज के लिए हाई तकनीक स्टोरेज सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है और राज्य सरकार अधिकतम किसानों को लाभ देने के लिए इस टारगेट को पाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से उगाई जाने वाली फसलों में रोग प्रबंधन के लिए प्राकृतिक उपचार विधियों को अपनाना अहम है. उन्होंने प्राकृतिक खेती के बीजों के लिए प्रमाणन प्रक्रिया विकसित करने पर बल दिया और विभाग को प्राकृतिक खेती की पहल का समर्थन करने के लिए मिट्टी और बीजों के परीक्षण के लिए एक हाईटेक लैब बनाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार हल्दी और अदरक के लिए प्रॉसेसिंग प्लांट खोलने की योजना पर काम कर रही है.
सरकार प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में डेयरी आधारित डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार कर रही है. प्राकृतिक खेती के माध्यम से उगाए गए उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए उन्होंने विभाग को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं. राज्य में 2024-25 खरीफ सीजन के दौरान प्राकृतिक खेती के जरिए उगाई गई 3989 क्विंटल मक्का खरीदी गई है. आगामी रबी सीजन के लिए खरीद टारगेट 8050 क्विंटल निर्धारित किया गया है.
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